नई दिल्ली। भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक स्तर की छठी द्विपक्षीय बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा सहयोग और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना और आर्थिक-सामरिक हितों का संतुलन बनाए रखना बताया गया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में रक्षा क्षेत्र में सहयोग के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने तकनीकी सहयोग, आधुनिक हथियार प्रणालियों के विकास और सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिजों के आपूर्ति और प्रबंधन के मुद्दे भी बैठक की प्रमुख विषयवस्तु रहे।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि दुर्लभ खनिज दोनों देशों की उच्च तकनीक उद्योग और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम हैं। बैठक में इन संसाधनों के स्थिर और दीर्घकालिक आपूर्ति चैनल बनाने पर चर्चा की गई, ताकि वैश्विक आपूर्ति संकट और मूल्य उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।
बैठक में दोनों देशों ने वैश्विक सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे व्यापक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। साथ ही, अगले वर्ष उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय दौर आयोजित करने पर सहमति बनी, जिससे रणनीतिक सहयोग और गहराया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-ब्राजील संबंध न केवल द्विपक्षीय स्तर पर बल्कि ब्रिक्स देशों और वैश्विक मंच पर भी महत्वपूर्ण हैं। रक्षा और दुर्लभ खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों की तकनीकी और आर्थिक क्षमता बढ़ेगी।





