मॉस्को/नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर रूस “कागजी शेर” है तो नाटो क्या है। पुतिन ने यह टिप्पणी हाल ही में एक इंटरव्यू में की, जिसमें उन्होंने रूस और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
पुतिन का तंज
पुतिन ने कहा कि पश्चिमी मीडिया और नेताओं की ओर से रूस की सैन्य क्षमता को कमजोर दिखाने की कोशिश की जाती रही है, लेकिन वास्तविकता कुछ और है। उन्होंने कहा, “अगर रूस को कागजी शेर कहा जाता है, तो नाटो और उसके सदस्य देशों की क्या स्थिति होगी? हमारी ताकत और तैयारी को कम करके आंका जा रहा है।”
भारत पर भरोसा दोहराया
इसी बातचीत में पुतिन ने भारत के साथ संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के साथ रूस के पारंपरिक और मजबूत संबंध हैं और ये द्विपक्षीय साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी। पुतिन ने यह भी कहा कि भारत की भूमिका अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण है और रूस हमेशा भारत के साथ सहयोग को प्राथमिकता देगा।
पाश्चात्य देशों पर निशाना
पुतिन ने पश्चिमी देशों की नीतियों पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश रूस को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रूस अपनी स्थिति और रणनीतिक हितों के लिए पूरी तरह तैयार है।
विश्लेषकों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि पुतिन की ये टिप्पणियां न केवल पश्चिमी देशों को चुनौती देने का संकेत हैं, बल्कि भारत जैसे पारंपरिक मित्र देशों के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने की रणनीति भी दिखाती हैं। यह स्पष्ट संदेश है कि रूस अपने भू-राजनीतिक हितों में लचीलापन दिखाते हुए भारत पर भरोसा कायम रखना चाहता है।
इस इंटरव्यू ने वैश्विक राजनीति में रूस की स्थिति और रणनीति पर नई बहस को जन्म दिया है, जिसमें भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध और नाटो के साथ टकराव दोनों प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
‘रूस कागजी शेर तो नाटो क्या है’: ट्रंप पर भड़के पुतिन, भारत पर जताया भरोसा





