इस्लामाबाद/मीरपुर। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक उपेक्षा के खिलाफ भड़के जनआंदोलन ने अब गंभीर रूप ले लिया है। कई दिनों से जारी हिंसक प्रदर्शनों और झड़पों में अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। हालात बिगड़ते देख पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार बैकफुट पर आ गई है और आंदोलनकारियों को शांत करने के लिए आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय दल को बातचीत के लिए भेजा है।
सरकार की आपात पहल
सूत्रों के मुताबिक, वार्ता के लिए गठित यह प्रतिनिधिमंडल स्थानीय नेताओं, प्रदर्शनकारियों और नागरिक संगठनों से बातचीत करेगा। टीम का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया है, जिन्हें आंदोलन की जड़ तक पहुंचकर समाधान निकालने का निर्देश दिया गया है।
पिछले कई दिनों से बवाल
PoJK में पिछले सप्ताह से लगातार उबाल देखा जा रहा है। लोग बिजली-पानी की कमी, बढ़ती महंगाई और भारी टैक्सों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़पों में स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं और इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं।
जनता का आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार PoJK की जनता को केवल ‘कर वसूली का जरिया’ मानती है और विकास व सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं किया गया। इस उपेक्षा से गुस्साए लोग अब सरकार के खिलाफ खुले विद्रोह पर उतर आए हैं।
भविष्य की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह आंदोलन पूरे PoJK में और भी व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल सरकार की वार्ता कोशिशें सफल होती हैं या नहीं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
PoJK में बवाल: दस मौतों के बाद घुटनों पर शरीफ सरकार, भेजा आठ सदस्यीय वार्ता दल





