नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राएं एक बार फिर सियासत के घेरे में आ गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बार उनके साथ नजर आने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तकनीकी विशेषज्ञ सैम पित्रौदा पर निशाना साधा है। भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी हर बार विदेश दौरों पर पित्रौदा को अपने साथ लेकर चलते हैं और वे वहां “मार्गदर्शक” की भूमिका निभाते हैं। इससे कांग्रेस की असली सोच और उसके अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर सवाल खड़े होते हैं।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जब देश गंभीर मुद्दों से जूझ रहा है, तब राहुल गांधी का विदेश में पित्रौदा के साथ कार्यक्रमों में सक्रिय रहना यह दर्शाता है कि कांग्रेस राष्ट्रीय हितों से ऊपर अंतरराष्ट्रीय मंचों को तरजीह देती है। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि “जहां भी राहुल जाते हैं, वहां पित्रौदा ही उनके विचारों और रणनीति को दिशा देते दिखाई देते हैं। यह दिखाता है कि कांग्रेस का नैरेटिव देश के बजाय बाहर तय होता है।”
गौरतलब है कि सैम पित्रौदा लंबे समय से कांग्रेस के रणनीतिक सलाहकार रहे हैं। उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाना जाता है। राहुल गांधी के करीबी सहयोगी होने के कारण वे उनकी कई विदेश यात्राओं और संवाद कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
भाजपा का कहना है कि विदेशों में राहुल गांधी का पित्रौदा पर अत्यधिक निर्भर होना यह दर्शाता है कि कांग्रेस नेतृत्व देश के मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय रंग देने की कोशिश करता है। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे समय में जब जम्मू-कश्मीर और पड़ोसी क्षेत्रों से जुड़ी संवेदनशील परिस्थितियां बनी हुई हैं, कांग्रेस नेतृत्व किस संदेश के साथ विदेश में सक्रिय है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा राहुल गांधी और सैम पित्रौदा की इस “विदेशी साझेदारी” को आने वाले चुनावों में बड़ा सियासी मुद्दा बना सकती है। वहीं, कांग्रेस की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं में ‘मार्गदर्शक’ बने सैम पित्रौदा, भाजपा का हमला तेज





