वॉशिंगटन।
अमेरिका ने नेवादा राज्य में स्थित एक प्रमुख लिथियम खदान में पांच फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर रणनीतिक निवेश किया है। यह कदम देश की चीन पर लिथियम और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी सामग्री की निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अमेरिकी ऊर्जा और खनन विशेषज्ञों के अनुसार, लिथियम इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा भंडारण प्रणालियों और बैटरी तकनीक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अमेरिका लंबे समय से चीन पर लिथियम और अन्य बैटरी सामग्री के आयात पर निर्भर रहा है, जिससे घरेलू उत्पादन और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों पर चिंता बनी रहती थी। इस निवेश से अमेरिका को अपनी आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता और नियंत्रण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि निवेश से न केवल लिथियम उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि अमेरिकी तकनीकी उद्योग और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को घरेलू कच्चा माल उपलब्ध होगा। इससे भविष्य में अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी निर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और चीन से आयात कम होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा उत्पादन नीति के लिए भी अहम है। अमेरिका ने हाल के वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और बैटरी तकनीक में तेजी से निवेश किया है, और यह रणनीतिक निवेश उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
खनन कंपनी ने बताया कि अमेरिकी सरकार की हिस्सेदारी से खदान में उत्पादन क्षमता और पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। कंपनी का यह भी कहना है कि खदान से निकाले गए लिथियम का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली बैटरियों के निर्माण में किया जाएगा, जिससे अमेरिका की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता भी बढ़ेगी।





