देहरादून। आपदा के साये में दून की तस्वीरें दिल को दहला देने वाली हैं। बीते दिनों आई बाढ़ और भारी बारिश ने कई इलाकों को तहस-नहस कर दिया है। हालात यह हैं कि नदी का जलस्तर बढ़ने और कटाव तेज होने के कारण लोग अपने ही घरों तक नहीं जा पा रहे। मजबूरी में उन्हें नदी के दूसरे छोर से अपने उजड़े आशियानों को दूर से निहारना पड़ रहा है।
घर की दीवारों में दरारें, आंगन तक फैला मलबा और बह चुकी जिंदगी की निशानियां—यह सब देखकर आंखें नम हो रही हैं। लोग नदी किनारे खड़े होकर एकटक अपने घरों की ओर देखते हैं, मानो उन्हें भरोसा हो कि भगवान उनकी छत को किसी तरह सुरक्षित रख लेंगे। कई परिवारों ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की कि उनका घर बचे रहे, ताकि वे दोबारा अपनी जिंदगी को पटरी पर ला सकें।
प्रभावित इलाकों के लोगों का कहना है कि ऐसी आपदा उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। अचानक तेज बारिश और पहाड़ों से आए सैलाब ने सब कुछ बदल दिया। अब हालात ऐसे हैं कि लौटकर अपने घर जाना भी खतरे से खाली नहीं है।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। वहीं, स्थानीय समाजसेवी संगठन भी जरूरतमंदों को भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री मुहैया करा रहे हैं।
फिर भी, लोगों की आंखों में अपने घरों को लेकर चिंता साफ झलक रही है। हर कोई यही दुआ कर रहा है कि जब हालात सामान्य हों, तो उन्हें लौटकर अपना आशियाना सुरक्षित मिले।





