वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती पर बड़ा बयान दिया है। बोल्टन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध व्यक्तिगत रिश्तों पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों और नीतिगत प्राथमिकताओं पर टिके होते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पीएम मोदी की ट्रंप के साथ दोस्ती अब खत्म हो चुकी है और इससे दुनिया को सबक लेना चाहिए।”
बोल्टन का यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप दोबारा अमेरिकी राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं और भारत-अमेरिका संबंध वैश्विक भू-राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर व्यक्तिगत समीकरण कभी स्थायी नहीं होते। चाहे नेता कितनी भी नजदीकी क्यों न दिखाएं, देशों के बीच संबंध हमेशा बदलते हालात और हितों पर आधारित रहते हैं।
पूर्व एनएसए ने यह भी कहा कि मोदी-ट्रंप की दोस्ती का दौर दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण अध्याय जरूर था, लेकिन इसे स्थायी मान लेना भूल होगी। उन्होंने अन्य देशों को चेतावनी दी कि वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को नेताओं की व्यक्तिगत कैमिस्ट्री के नजरिये से न देखें।
बोल्टन ने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंध आगे भी मजबूत रहेंगे, लेकिन उनका आधार संस्थागत सहयोग और साझा हित होंगे, न कि किसी दो नेताओं की निजी नजदीकी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बोल्टन का बयान मौजूदा वैश्विक राजनीति के लिए अहम संकेत है। यह इस बात की याद दिलाता है कि कूटनीतिक रिश्तों की मजबूती हमेशा स्थायी हितों, व्यापार, सुरक्षा और भू-राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करती है।





