इंफाल। लंबे समय से जातीय हिंसा और तनाव से जूझ रहे मणिपुर में अब शांति बहाली की उम्मीदें बढ़ने लगी हैं। केंद्र सरकार के साथ हुई अहम बातचीत के बाद कुकी-जो परिषद (Kuki-Zo Council) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एनएच-2) को खोलने के लिए सहमति जताई है। इस कदम को राज्य में आपसी विश्वास बहाली और सामान्य स्थिति लौटाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पिछले कई महीनों से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जारी विवाद के चलते राज्य में हालात तनावपूर्ण बने हुए थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि मणिपुर का मुख्य जीवनदायिनी मार्ग एनएच-2 बाधित हो गया था। इसके कारण न सिर्फ दैनिक जरूरतों की आपूर्ति प्रभावित हुई, बल्कि ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की भारी किल्लत ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी थीं।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार और कुकी-जो परिषद के बीच हाल ही में हुई बातचीत में आपसी भरोसे और संवाद को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। परिषद ने स्पष्ट किया है कि वह शांति और स्थिरता चाहती है और इसी दिशा में सद्भावनापूर्ण कदम उठाते हुए एनएच-2 खोलने पर तैयार है।
एनएच-2 का खुलना राज्य की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन के लिए बेहद अहम साबित होगा। इस मार्ग के जरिए मणिपुर को अन्य राज्यों से सीधे जोड़ा जाता है और इसकी आवाजाही बाधित रहने से व्यापार और परिवहन पूरी तरह ठप हो गए थे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल दोनों समुदायों के बीच संवाद बहाली की दिशा में ठोस कदम है। यदि इसी तरह बातचीत और आपसी समझ बनी रहती है तो मणिपुर में शांति स्थापित होने की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
मणिपुर में शांति की उम्मीद, कुकी-जो परिषद ने जताई सकारात्मक पहल





