Sunday, November 30, 2025

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डोनेस्क समेत कई मोर्चों पर रूस-यूक्रेन में भीषण लड़ाई, ट्रंप बोले – “जेलेंस्की भी मासूम नहीं”

कीव/मॉस्को/वॉशिंगटन।
रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। डोनेस्क प्रांत के निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र में रूसी सेना ने कई गांवों पर कब्जा कर लिया है। यह यूक्रेन का आठवां इलाका है जहां रूसी सेना ने जमीनी बढ़त दर्ज की है। युद्धविराम पर बातचीत चल रही है, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

डोनेस्क में घमासान, शर्तों पर अड़ी रूस

डोनेस्क के कई मोर्चों पर रूसी और यूक्रेनी सेनाओं के बीच भीषण लड़ाई जारी है। रूस ने साफ कर दिया है कि युद्धविराम तभी संभव है जब पूरा डोनेस्क प्रांत उसे सौंप दिया जाए, लेकिन यूक्रेन इस शर्त को मानने को तैयार नहीं है।

ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन हमले, लाखों लोग अंधेरे में

बुधवार को रूस ने यूक्रेन के छह प्रमुख क्षेत्रों – पोल्टावा, चर्निहीव, खार्कीव, सुमी सहित अन्य इलाकों – में स्थित बिजलीघरों और गैस ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर ड्रोन हमले किए। हमलों के कारण एक लाख से ज्यादा घरों की बिजली ठप हो गई है। कई औद्योगिक इकाइयों को भी नुकसान पहुंचा है।

तनाव में यूक्रेनी सेना

लगातार हमलों और जमीन के नुकसान से यूक्रेनी सेना पर गहरा दबाव है। हाल के महीनों में उसने कई मोर्चों पर कब्जा गंवाया है और अब उन्हें वापस लेने की कोशिश कर रही है। हालांकि, कस्बों और शहरों में रूसी सेना को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।

खार्कीव अब भी रूस की पहुंच से दूर

रूस ने युद्ध की शुरुआत से ही यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खार्कीव पर कब्जे की कोशिश की, लेकिन साढ़े तीन वर्षों की लड़ाई के बाद भी उसे सफलता नहीं मिली है। फिलहाल लगभग एक हजार किलोमीटर लंबी सीमा पर दोनों देशों के दसियों हजार सैनिक भिड़े हुए हैं। युद्धक्षेत्रों में सुमी, खार्कीव, लुहांस्क, डोनेस्क, जपोरीजिया, खेरसान और मीकोलेव शामिल हैं।

अब तक 20% यूक्रेनी भूमि पर रूसी कब्जा

विशेषज्ञों के अनुसार, रूस अब तक यूक्रेन की करीब 20 प्रतिशत भूमि पर कब्जा कर चुका है और धीरे-धीरे अपनी बढ़त मजबूत कर रहा है। वहीं, शांति वार्ता को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बरकरार हैं। रूस पहले शांति समझौते और फिर युद्धविराम की बात कर रहा है, जबकि यूक्रेन का कहना है कि पहले युद्धविराम हो और उसके बाद शांति समझौता किया जाए।

सुरक्षा गारंटी पर रूस का रुख

रूस ने साफ कहा है कि वह यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने को तैयार है, लेकिन इसमें यूरोपीय देशों या नाटो का कोई दखल स्वीकार्य नहीं होगा। मॉस्को ने संकेत दिया है कि यदि समझौता होता है तो वह अमेरिका के साथ मिलकर यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दे सकता है।

ट्रंप का बयान – “जेलेंस्की भी मासूम नहीं”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि रूस युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हुआ तो उस पर बेहद कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध बहुत गंभीर होंगे, हालांकि वे चाहते हैं कि बातचीत से ही युद्ध का समाधान निकले और विश्वयुद्ध जैसी स्थिति न बने।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की आमने-सामने मिलकर गतिरोध तोड़ें, लेकिन पुतिन तब तक तैयार नहीं हैं जब तक कुछ ठोस शर्तें न मानी जाएं।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा – जेलेंस्की भी मासूम नहीं हैं, उन्होंने भी वार्ता और समाधान में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया है।”

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