Sunday, November 30, 2025

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जम्मू–कश्मीर में तबाही: बाढ़ और भूस्खलन से 34 की मौत, टूटा सदी का रिकॉर्ड

श्रीनगर/जम्मू।
जम्मू–कश्मीर में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। श्रीमाता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन के बाद एहतियातन यात्रा को दूसरे दिन भी बंद रखा गया। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के अथक प्रयासों से अब तक 10,000 से अधिक लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया है।

पुल, घर और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण कई प्रमुख पुल ढह गए, घर जमींदोज हो गए और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक ढांचे को बड़ा नुकसान पहुँचा है। चक्की पुल, पठानकोट में जमीन धंसने के कारण जम्मू से आने–जाने वाली 58 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 46 ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया। 18 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया।

झेलम खतरे के निशान से ऊपर

झेलम नदी अनंतनाग के संगम और श्रीनगर के राममुंशीबाग में चेतावनी स्तर पार कर गई। पानी कुर्सु राजबाग में घुस आया, जिससे दहशत फैल गई। श्रीनगर पुलिस को आपात हेल्पलाइन नंबर जारी करने पड़े। अनंतनाग कोर्ट परिसर में हालात इतने बिगड़े कि जज नाव से अदालत पहुँचे और न्यायिक कामकाज जारी रखा।

बादल फटने से हालात बिगड़े

किश्तवाड़ के पाडर इलाके और वारवान घाटी में बादल फटने की घटनाओं ने तबाही को और बढ़ा दिया। वारवान घाटी के मार्गी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से करीब 10 घर बह गए और 300 कनाल से अधिक फसल तबाह हो गई। तेज बहाव में मवेशी और एक पुल भी बह गया।

बचाव कार्य जारी

एसडीआरएफ ने अनंतनाग में लिद्दर नदी में फंसे 22 लोगों को सुरक्षित निकाला। अवंतीपोरा में पुलिस ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों से लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। लखनपुर माधोपुर बैराज के दो गेट टूटने से फंसे गेटमैन को हेलिकॉप्टर की मदद से बाहर निकाला गया। लखनपुर में सीआरपीएफ का एक कैंप बाढ़ में बह गया, लेकिन 22 जवानों और एक डॉग को समय रहते बचा लिया गया।

हाईवे और पुल बंद

जम्मू–पठानकोट हाईवे पर आवाजाही अब भी सुचारू नहीं हो पाई है। सहार खड्ड नदी पर एक पुल का हिस्सा धंस जाने से कठुआ–पंजाब मार्ग पर केवल छोटे वाहनों को जाने की अनुमति दी जा रही है। भगवती नगर तवी पुल का एक हिस्सा धंस गया है, जिसके चलते पुल को बंद कर दिया गया है। किश्तवाड़–बटोत राष्ट्रीय राजमार्ग-244 भी भूस्खलन के कारण बंद है।

बारिश का रिकॉर्ड टूटा

जम्मू में पिछले 24 घंटे में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अब तक का ऑलटाइम रिकॉर्ड है। हालांकि बुधवार दोपहर बाद मौसम खुलने से कुछ राहत मिली। सांबा और राजौरी में भी सुबह भारी बारिश के बाद मौसम सामान्य हो गया।

आगे भी खतरे के आसार

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 28 और 29 अगस्त को जम्मू संभाग और दक्षिण कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। 30 अगस्त से 1 सितंबर तक फिर भारी बारिश की संभावना है। 2 से 5 सितंबर के बीच भी मौसम में उतार–चढ़ाव रहेगा।

सरकार और सेना अलर्ट पर

प्रदेश भर में संचार सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हैं। सेना, एनडीआरएफ और पुलिस लगातार राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में अस्थायी शिविर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश जारी किए गए हैं कि हर संभव मदद तुरंत पहुँचाई जाए।

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