उत्तरकाशी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को स्यानाचट्टी क्षेत्र का दौरा कर आपदा प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं और हरसंभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया।
अस्थायी झील बनी, तुरंत जल निकासी के आदेश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने देखा कि यमुना नदी में कुपड़ा खड्ड गदेरे से आए मलबे ने नदी का प्रवाह रोक दिया है, जिससे अस्थायी झील बन गई है। सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी मार्ग में जमा गाद को तुरंत हटाया जाए और झील के मुहाने को चौड़ा कर त्वरित जल निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि आस-पास के गाँवों को खतरे से बचाया जा सके।
पुल और सड़कें बहाल करने पर जोर
सीएम धामी ने कुपड़ा–कुंशाला पुल का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जल्द कार्यदायी संस्था नामित कर पुल के निर्माण कार्य को शुरू करने और तब तक वैकल्पिक पैदल मार्ग की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूस्खलनों से कई जगह मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिकता से खोलकर यातायात बहाल किया जाए। विशेष रूप से यमुनोत्री मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के आदेश दिए गए।
किसानों को राहत: आलू फसल का एमएसपी घोषित
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए आलू की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने से आलू की फसल खेतों और गोदामों में फँसी हुई है। MSP मिलने से किसानों को राहत मिलेगी और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।
सरकार पीड़ित परिवारों के साथ: धामी
मुख्यमंत्री ने कहा, “संकट की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। नुकसान का सटीक आकलन कर प्रभावितों को जल्द से जल्द सहायता दी जाएगी। किसी को भी अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।”
स्थानीय जनता को मिला भरोसा
निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि सरकार के त्वरित हस्तक्षेप से उन्हें उम्मीद जगी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि राहत और बचाव कार्यों में कोई देरी नहीं होगी और प्रभावितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।





