Sunday, November 30, 2025

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रामनगर में बनेगी भूकंपीय वेधशाला

रामनगर (नैनीताल)। आपदा प्रबंधन और भूकंप पूर्व चेतावनी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में रामनगर एक अहम कदम उठाने जा रहा है। तहसील परिसर में भूकंपीय वेधशाला स्थापित की जाएगी, जिसकी खासियत यह होगी कि यह भूकंप की तीव्रता दर्ज करने के साथ-साथ धरती के भीतर होने वाली हलचल को पहले ही पकड़कर सायरन के जरिए लोगों को अलर्ट करेगी।
यह परियोजना पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के सहयोग से शुरू की जा रही है। मंत्रालय ने उत्तराखंड में कुल आठ वेधशालाएँ स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके तहत रामनगर के अलावा हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और देहरादून को भी चयनित किया गया है। साथ ही रुड़की, देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, केदारनाथ और चकराता में भी वेधशालाएँ स्थापित होंगी।
रामनगर की अहमियत
वैज्ञानिकों के अनुसार रामनगर भूकंप की फॉल्ट लाइन पर बसा हुआ क्षेत्र है। वर्ष 1505 में यहां 7 से 8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। विशेषज्ञ मानते हैं कि जहां इतने बड़े पैमाने का भूकंप आता है, वहां हर 500–600 वर्षों में फिर से बड़ा झटका आने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में रामनगर में वेधशाला की स्थापना बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्या करेगी वेधशाला
• भूकंप का समय, स्थान और तीव्रता दर्ज करेगी।
• भूकंपीय तरंगों को पकड़कर पहले से चेतावनी देगी।
• पृथ्वी की आंतरिक संरचना और सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों का अध्ययन करेगी।
• जरूरत पड़ने पर परमाणु परीक्षणों की निगरानी में भी सहायक होगी।
तहसील परिसर में इसके लिए लगभग 300 वर्ग फीट जमीन चिह्नित की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।

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