अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध जैसी गंभीर स्थिति टल गई थी। उन्होंने कहा, “अगर आप देखें तो पाकिस्तान और भारत की तरफ से छह-सात विमान गिराए गए थे। दोनों देश तैयार थे, शायद परमाणु युद्ध तक जाने के लिए। हमने इसको सुलझा दिया।” हालांकि, भारत सरकार ने लगातार ट्रंप के इस दावे का खंडन किया है।
उधर, ट्रंप इस समय रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए सक्रिय हैं। तीन साल से जारी यह युद्ध लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है। इसी सिलसिले में ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को अलास्का में मुलाकात करेंगे। बैठक से पहले ट्रंप ने कहा कि उन्हें शुरुआत में यह संघर्ष खत्म करना आसान लगा था, लेकिन अब यह सबसे कठिन साबित हो रहा है।
“पुतिन शांति चाहते हैं”
ट्रंप ने भरोसा जताया कि पुतिन युद्ध खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैं राष्ट्रपति नहीं होता तो पुतिन पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर लेते। यह युद्ध कभी होना ही नहीं चाहिए था। लेकिन मैं राष्ट्रपति हूं और पुतिन मुझसे नहीं भिड़ेंगे।”
दूसरी बैठक पर सबकी नज़र
ट्रंप ने कहा कि पुतिन से होने वाली पहली बैठक सकारात्मक रहेगी, लेकिन इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए होने वाली दूसरी बैठक अधिक अहम होगी। इसमें पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और स्वयं ट्रंप के साथ कुछ यूरोपीय नेता भी शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि पुतिन और जेलेंस्की शांति कायम करने में सफल होंगे, “अगर ऐसा हुआ तो यह पूरी दुनिया के लिए अच्छा होगा।”





