धराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने का काम लगभग पूरा होने के बाद अब दूसरे चरण में शवों की तलाश शुरू हो गई है। एनडीआरएफ के कैडेवर डॉग्स ने आठ स्थानों पर संकेत दिए, लेकिन खोदाई के दौरान मलबे के नीचे से पानी निकलने पर काम रोकना पड़ा।
अब इन स्थानों पर ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) से स्कैनिंग की जा रही है। तरंगों पर आधारित यह तकनीक मलबे के नीचे दबे भवनों या संरचनाओं का पता लगाने में मदद करती है, जिससे सही स्थान पर खोदाई कर समय और श्रम की बचत हो सके।
एनडीआरएफ डीआईजी गंभीर सिंह चौहान ने बताया कि स्थानीय लोगों की जानकारी और वीडियो फुटेज के आधार पर भी खोदाई की जा रही है। भारी मशीनरी के पहुंचने में दिक्कत के कारण अधिकतर कार्य मैन्युअल तरीके से किया जा रहा है। पूरे इलाके को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है।
धराली आपदा में शवों की तलाश जारी, जीपीआर से हो रही ग्राउंड स्कैनिंग





