तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक IVF क्लिनिक के ज़रिए चल रहे अवैध सरोगेसी और नवजात शिशुओं की तस्करी रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी डॉक्टर समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य आरोपी की पहचान ‘यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी सेंटर’ की संचालिका डॉ. अथलुरी नम्रता के रूप में हुई है। पुलिस ने क्लिनिक से दवाइयाँ, दस्तावेज़ और मेडिकल उपकरण जब्त किए हैं।
ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा
एक दंपती ने पुलिस में शिकायत दी कि उन्होंने IVF और सरोगेसी के ज़रिए बच्चा प्राप्त करने के लिए क्लिनिक को 35 लाख रुपये का भुगतान किया था। 9 महीनों के दौरान कई किश्तों में भुगतान हुआ। लेकिन जब बच्चे का चेहरा और व्यवहार संदिग्ध लगा, तो उन्होंने डीएनए टेस्ट कराया—जो मैच नहीं हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि नवजात असल में असम के दंपती का बच्चा था, जिन्हें पैसे देकर बच्चा लिया गया और शिकायतकर्ता दंपती को सौंपा गया।
क्या मिला जांच में?
पुलिस ने बताया कि यह रैकेट फर्जी सरोगेसी के नाम पर बड़े पैमाने पर नवजातों की खरीद-फरोख्त कर रहा था। मुख्य आरोपी डॉक्टर क्लिनिक की आड़ में सरोगेसी कानूनों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से बच्चों को जन्म दिलाकर अन्य परिवारों को सौंप देती थीं।
पुलिस ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क का विस्तार अन्य राज्यों तक हो सकता है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।





