Sunday, February 22, 2026

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भारत रचेगा अंतरिक्ष में इतिहास: आज लॉन्च होगा NASA-ISRO का निसार मिशन, पूरी पृथ्वी पर रखेगा निगरानी

भारत और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसियों ISRO और NASA के साझा मिशन निसार (NISAR – NASA ISRO Synthetic Aperture Radar) को बुधवार शाम लॉन्च किया जाएगा। यह सेटेलाइट पृथ्वी की सतह और जलवायु परिवर्तनों की उच्च सटीकता से निगरानी करने में सक्षम होगा।

शाम 5:40 बजे, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से GSLV-F16 रॉकेट के माध्यम से इस उपग्रह को सूर्य-समकालिक ध्रुवीय कक्षा (Sun-synchronous Polar Orbit) में स्थापित किया जाएगा।

लॉन्चिंग की उल्टी गिनती शुरू, तैयारी अंतिम चरण में

ISRO ने मंगलवार दोपहर 2:10 बजे से 27.30 घंटे की उलटी गिनती शुरू कर दी है। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर बताया कि “GSLV-F16 निसार को कक्षा में स्थापित करने के लिए तैयार है। अंतिम तैयारियाँ जारी हैं।

यह GSLV-F16 की 18वीं उड़ान होगी और सतीश धवन केंद्र से 102वां प्रक्षेपण। खास बात यह है कि GSLV रॉकेट का यह पहला मिशन सूर्य-समकालिक कक्षा की ओर होगा।

निसार से पूरी पृथ्वी की निगरानी संभव

2,392 किलोग्राम वजनी निसार अब तक का सबसे उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है। पहले ISRO द्वारा लॉन्च किए गए Resourcesat और RISAT जैसे उपग्रह मुख्यतः भारतीय क्षेत्र तक सीमित निगरानी करते थे, जबकि निसार वैश्विक स्तर पर हर 12 दिनों में पूरी पृथ्वी की भूमि और हिम सतहों को स्कैन करेगा।

यह उपग्रह सेंटीमीटर स्तर तक की सटीक तस्वीरें लेने और भेजने में सक्षम है। इसमें NASA का L-Band रडार और ISRO का S-Band रडार लगाया गया है, जिन्हें विश्व में सबसे उन्नत तकनीकों में गिना जाता है।

प्राकृतिक आपदाओं की रीयल-टाइम निगरानी में उपयोगी

निसार मिशन से भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की रीयल-टाइम निगरानी और पूर्व चेतावनी संभव होगी। साथ ही, यह जलवायु परिवर्तन, हिमनदों के पिघलने और वन क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर भी वैज्ञानिक अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराएगा।

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