भारत की सख्त जवाबी कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर हमला पाकिस्तान को बुरी तरह चुभ गया है। अपनी नाकामी छिपाने और घरेलू दबाव से निपटने के लिए अब पाकिस्तान ने भारत पर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
इस सिलसिले में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित करते हुए उसे 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। आरोप लगाया गया है कि अधिकारी विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति के बावजूद असंगत गतिविधियों में लिप्त था।
पाकिस्तान सरकार ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया और बताया कि भारतीय उच्चायुक्त को मंत्रालय में बुलाकर यह आदेश सौंपा गया।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भारत ने भी नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी को जासूसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर देश छोड़ने का निर्देश दिया था।
इस राजनयिक टकराव की पृष्ठभूमि में 7 मई को भारत द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया था। कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों के खात्मे के साथ-साथ 11 पाक एयरबेस को भी नुकसान पहुंचाया गया।
भारत की सैन्य प्रतिक्रिया सीमित लेकिन प्रभावशाली रही, जिससे पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर एक बार फिर कटघरे में ला खड़ा किया है — और यही बौखलाहट अब कूटनीतिक मोर्चे पर दिख रही है।





