पीएम मोदी के अमेरिका दौरे पर दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा को लेकर अहम फैसला हुआ है। इस फैसले के तहत अमेरिका में डिजाइन हुए परमाणु रिएक्टर्स अब भारत में स्थापित किए जा सकेंगे। इसके लिए दोनों देशों में तकनीकी स्थानांतरण पर भी सहमति बन गई है और परमाणु रिएक्टर्स का भारत में ही उत्पादन किया जाएगा। ऊर्जा संकट से निपटने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि साल 2008 में भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक नागरिक परमाणु समझौता हुआ था। हालांकि इस समझौते के तहत अभी तक भारत में अमेरिका का कोई भी परमाणु रिएक्टर स्थापित नहीं किया जा सका है। अब पीएम मोदी के अमेरिका दौरे पर उनके और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच इसे लेकर सहमति बन गई है, जिसके बाद भारत में अमेरिकी डिजाइन वाले परमाणु रिएक्टर स्थापित होने का रास्ता साफ हो जाएगा।





