राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के कांग्रेस और विपक्ष के कदम पर भाजपा ने बुधवार को निशाना साधा। पार्टी के नेता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि सोरोस और गांधी-नेहरु परिवार के रिश्तों को लेकर संसद में जो मुद्दा उठाया गया है, कांग्रेस उससे ध्यान बंटाने के लिए ही उपराष्ट्रपति के खिलाफ नोटिस लाई है। पात्रा ने कहा कि एक तरफ संविधान पर चर्चा की ओर भारत का संसद बढ़ रहा है और वहीं दूसरी ओर एक बात स्पष्ट हो रही है कि कांग्रेस के मन और कर्म में कहीं भी संविधान के प्रति सम्मान का भाव नहीं है। आज सुबह से मीडिया में हम देख रहे हैं कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कुछ घटक दल ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल करेंगे। और दूसरी खबर यह है कि राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ एक अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है। संबित पात्रा ने कहा, “पहली बार राज्यसभा में भारत के उपराष्ट्रपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस विपक्ष द्वारा दिया गया है। सोरोस फाउंडेशन से पैसा लेकर देश को अस्थिर करने का जो षड्यंत्र है, उसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूरा गांधी नेहरू परिवार संलिप्त है। जब इस विषय को संसद और संसद के बाहर उठाया गया तो आनन-फानन में इस विषय से अपने आप को दूर करने के लिए और भटकाने के लिए धनखड़ जी के खिलाफ ये अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास कांग्रेस और उनके कुछ साथी दलों ने किया है।”
कुछ दिनों पहले ही भाजपा ने सोनिया गांधी जी का एक फाउंडेशन से लिंक खुलासा किया था। जॉर्ज सोरोस किस तरह से इस फाउंडेशन को फंड करते थे। किस तरह से यह फाउंडेशन कश्मीर को भारत से अलग करना चाहता था। जब यह विषय उठा, तब इन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर बात की।
पात्रा ने इस मुद्दे को जातीय बताते हुए कहा कि आप एक जाट उपराष्ट्रपति के ऊपर इस तरह से आक्षेप लगा रहे हैं। आप उन्हें किसी न किसी तरह कलंकित करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं आपको बता दूं कि एक किसान पुत्र और जाट कभी झुकता नहीं। जाट का सम्मान हिंदुस्तान में सदैव बरकरार और अडिग रहेगा।
विपक्ष पर भड़की भाजपा





