केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। यहां उन्होंने न्यूयॉर्क में प्रमुख व्यापारिक नेताओं और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों और पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने भारत में मल्टी-ब्रांड रिटेलिंग के प्रवेश को साफ तौर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मल्टी-ब्रांड रिटेलिंग पर हमापी नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। भारत-अमेरिका संबंधों पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका में चार दिन बहुत दिलचस्प रहे… हमने आपूर्ति श्रृंखला को खुला रखने और भारत में खान मंत्रालय और अमेरिकी सरकार के बीच अधिक जुड़ाव के लिए महत्वपूर्ण खनिजों पर MoU निष्पादित किया। व्यापार नीति मंच, वाणिज्य सचिव के साथ वाणिज्यिक वार्ता, भारत यूएसए सीईओ फोरम, ये सभी संस्थान अब नियमित रूप से एक-दूसरे के साथ बातचीत कर रहे हैं, एक समय था जब ये छिटपुट बातचीत होती थीं, कई साल बिना किसी बैठक के बीत जाते थे। अमेरिका-भारत संबंध आज राजनीति से ऊपर उठ रहे हैं। हमने तीन प्रशासनों के साथ काम किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत दोनों नियमित रूप से जुड़े हुए हैं और यह रिश्ता महीने-दर-महीने बेहतर और परिपक्व हो रहा है।केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सबसे पहले, मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि भारत संयुक्त राज्य अमेरिका को सबसे विश्वसनीय व्यापार भागीदारों में से एक के रूप में देखता है, जिसके साथ हम वस्तुओं, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और निवेश क्षेत्रों में अपने संबंधों और व्यापार का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। हम इस रिश्ते को गहराई से महत्व देते हैं। मोदी सरकार के तहत हमारे ओबामा, ट्रम्प और बाइडेन प्रशासन के साथ उत्कृष्ट संबंध रहे हैं, आगे चलकर हम संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उत्कृष्ट संबंध जारी रखेंगे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 2014 में जब पीएम मोदी आए तो उन्होंने पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने के लिए हर संभव कदम उठाए। 2014, 2015 और 2016 में पीएम मोदी ने रिश्ते सुधारने के लिए हरसंभव कोशिश की। लेकिन अगर पाकिस्तान आतंकी गतिविधियां बंद नहीं करेगा और हमारे नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो स्वाभाविक है भारत को उसका मुकाबला जमकर करना पड़ेगा। हमने वही किया, चाहे वो सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक हो। जब पाकिस्तान ने हमें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो हमने उसका उचित जवाब दिया।





