पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर में विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद भारत के साथ स्थिति एक ही जैसी बनी हुई है। इसके कारण दोनों के बीच कोई भी द्विपक्षीय बातचीत और व्यापार नहीं हुआ है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कश्मीर में अगस्त 2019 के घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित करने सहित कई कदम उठाए गए थे। उन्होंने कहा, “अभी भी वह स्थिति बरकरार है। इस समय पाकिस्तान और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार के संबंध में कोई बातचीत नहीं हो रही है।” 5 अगस्त, 2019 को भारत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो गए थे। भारत हमेशा से पाकिस्तान से यह बात दोहराता रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश का अभिन्न अंग है और रहेगा। भारत हमेशा से ही स्थित को स्पष्ट करता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है। लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को आतंकवाद पर पूरी तरह लगाम लगानी पड़ेगी।
‘विदेश सरकारों को पाकिस्तान के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी से बचना चाहिए’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह सत्ता के कथित दुरुपयोग को लेकर सैन्य अधिकारियों की नवीनतम गिरफ्तारियों पर टिप्पणी न करने की अमेरिका की घोषणा का स्वागत करेंगी, बलूच ने कहा कि विदेशी सरकारों को पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए। वहीं पाकिस्तान में सैन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका के टिप्पणी ना करने पर बलूच ने कहा कि वह इसका स्वागत करती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विदेशी सरकारों को पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए।
मुमताज जहरा ने कहा, “मैं ऐसे किसी बयान का स्वागत नहीं करना चाहता जिसकी किसी विदेशी सरकार से अपेक्षा भी नहीं की गई थी। जैसा कि मैंने कई मौकों पर कहा है कि एक विदेशी सरकार को पाकिस्तान के घरेलू मामलों पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है।’’





