संसद में बजट पेश किए जाने के बाद कुछ मंत्रालयों के कामकाज पर राज्यसभा में चर्चा जारी रहने के बीच विपक्षी दलों ने मांग की है कि गृह मंत्रालय के कामकाज पर भी चर्चा होनी चाहिए। सूत्रों ने कहा कि विपक्षी दलों ने मंगलवार को कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक के दौरान यह प्रस्ताव रखा कि सदन में किन मंत्रालयों पर चर्चा की जानी चाहिए। आमतौर पर राज्यसभा में चार मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा होती है। उच्च सदन की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की मंगलवार को हुई बैठक में तृणमूल कांग्रेस ने गृह मंत्रालय पर चर्चा कराए जाने का प्रस्ताव रखा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को सांसदों को नसीहत दी कि वे सदन की कार्यवाही के दौरान सतर्क रहें, वर्ना सवाल पूछने का मौका खो देंगे। बिरला ने यह बात शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल को तीन बार आवाज देने के बाद भी प्रतिक्रिया नहीं देने पर कही। प्रश्नकाल में बादल ने एक सवाल चर्चा के लिए कार्यवाही के एजेंडे में सूचीबद्ध कराया था। बिरला ने कई बार बादल का नाम लिया, पर वे बातचीत में मशगूल दिखीं, इसके बाद बिरला ने अगले प्रश्न पर जाने का फैसला किया। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को सूचित किया कि पिछले साल 2,16,219 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी। आप सदस्य राघव चड्ढा का सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने 2011-2018 का संबंधित डाटा भी साझा किया। चड्ढा ने पूछा कि कि क्या सरकार ने इसके कारणों का पता लगाने के लिए कदम उठाए हैं। जवाब में सिंह ने कहा, नागरिकता छोड़ने के कारण व्यक्तिगत हैं। ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के युग में वैश्विक कामकाज की स्थितियां बदली हैं। इस कारण भारतीय प्रवासियों का देश के साथ जुड़ाव में खासा बदलाव लाया है।





