नई दिल्ली। अगली पीढ़ी के दूरसंचार नेटवर्क यानी 6जी के विकास और सुरक्षा को लेकर भारत ने बड़ा कदम उठाया है। भारत अब अमेरिका और 24 अन्य देशों के साथ उस वैश्विक पहल में शामिल हो गया है, जिसका उद्देश्य भविष्य के 6जी नेटवर्क के विकास की दिशा तय करना है। अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने भारत के इस पहल में शामिल होने की घोषणा की।
यह घोषणा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक के बीच जी20 इनोवेशन मिनिस्ट्रियल बैठक के दौरान हुई मुलाकात के बाद की गई। दोनों नेताओं ने 6जी के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।
अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अनुसार, इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगली पीढ़ी के नेटवर्क में साझा सुरक्षा हितों को प्राथमिकता मिले, वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत हो और 6जी तकनीक में नवाचार को बढ़ावा मिले। इस सहयोग के तहत नेटवर्क सुरक्षा, इंटरऑपरेबिलिटी, मजबूती और भरोसेमंद एआई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर देशों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर रहेगा।
जितिन प्रसाद ने अमेरिका से भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 में निवेश बढ़ाने और एआई तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। भारत ने एआई के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर भी अपना दृष्टिकोण साझा किया।
भारत पहले से ही घरेलू स्तर पर भारत 6जी मिशन और भारत 6जी अलायंस के माध्यम से इस तकनीक पर काम कर रहा है। सरकार के अनुसार भारत 6जी तकनीक में अनुसंधान, स्वदेशी नवाचार और वैश्विक मानकों के निर्माण में अपनी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
जी20 इनोवेशन बैठक में भारत ने एआई, सेमीकंडक्टर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। 6जी पहल में भारत की भागीदारी को वैश्विक तकनीकी सहयोग में देश की बढ़ती भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है।





