नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 4,097 करोड़ रुपये के रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) बैंक धोखाधड़ी मामले में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में दायर इस चार्जशीट में सात आरोपियों को नामजद किया गया है। इसे इस बहुचर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच में अहम प्रगति माना जा रहा है।
सीबीआई के अनुसार, चार्जशीट में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड तथा आरसीएफएल के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के माध्यम से बैंकों के साथ धोखाधड़ी की गई, जिससे हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच में सामने आया है कि संबंधित कंपनियों और अधिकारियों ने कथित रूप से बैंकिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए ऋण राशि का दुरुपयोग किया। सीबीआई मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और निर्णय प्रक्रिया की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
यह मामला देश के बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में शामिल है, जिसमें विभिन्न बैंकों के एक संघ को हजारों करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप है। सीबीआई वित्तीय रिकॉर्ड, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और धन के उपयोग की विस्तृत जांच कर रही है।
विशेष अदालत अब चार्जशीट पर संज्ञान लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। मामले की जांच और न्यायिक कार्यवाही पर वित्तीय क्षेत्र की भी नजर बनी हुई है।





