नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इन दिनों 308 पहियों वाला एक विशाल मेगा ट्रक लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 100 फीट लंबे और सात मीटर चौड़े इसविशेष ट्रेलर पर लगभग 200 टन वजनी औद्योगिक वेसल लदा है। बेल्जियम से समुद्री रास्ते के जरिए भारत पहुंचा यह वेसल अब सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर स्थित चीनी मिल तक पहुंचाया जा रहा है।
पारादीप से शुरू हुआ सड़क सफर
यह भारी-भरकम वेसल बेल्जियम के एंटवर्प बंदरगाह से समुद्री रास्ते के जरिए ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा। इसके बाद इसे विशेष हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से रवाना किया गया। काफिला ओडिशा के बाद झारखंड और बिहार से होते हुए उत्तर प्रदेश के चंदौली पहुंचा है।
रास्ता साफ करना बड़ी चुनौती
ट्रेलर का आकार इतना बड़ा है कि सामान्य सड़क मार्ग से इसे निकालना आसान नहीं है। रास्ते में आने वाले बिजली के खंभे, तार, होर्डिंग, फुटओवर ब्रिज और संकरी सड़कें बड़ी बाधा बन रही हैं। कई स्थानों पर प्रशासन और तकनीकी टीमों को मार्ग में जरूरी बदलाव करने पड़ रहे हैं। चंदौली में भी ट्रक को आगे बढ़ाने के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जा रही है।
एथनॉल प्लांट में होगा इस्तेमाल
बेल्जियम से आया यह विशाल वेसल चीनी मिल से जुड़े एथनॉल प्लांट में लगाया जाना है। इसमें वैक्यूम बॉयलर जैसे भारी औद्योगिक उपकरण शामिल हैं। मशीन को सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 308 पहियों वाले विशेष ट्रेलर का इस्तेमाल किया गया है।
रोजाना बेहद धीमी रफ्तार से सफर
वेसल के भारी वजन और विशाल आकार के कारण ट्रक की गति काफी कम रखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, परिस्थितियों के आधार पर यह काफिला प्रतिदिन करीब 10 से 20 किलोमीटर तक ही आगे बढ़ पा रहा है। ट्रक के चालक के मुताबिक, अब तक करीब दो करोड़ रुपये का डीजल खर्च हो चुका है।
308 पहियों वाला यह मेगा ट्रक जहां से गुजर रहा है, वहां लोग इसे देखने और तस्वीरें लेने के लिए रुक रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से चर्चा में हैं।





