नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के पावन पर्व से पहले भारत की खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इनपुट के अनुसार, बांग्लादेश स्थित कट्टरपंथी और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन भारत के प्रमुख शहरों, विशेषकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। खुफिया रिपोर्टों में चेतावनी दी गई है कि आतंकी संगठन गणतंत्र दिवस समारोह में खलल डालने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बना सकते हैं। इस इनपुट के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम समेत कई राज्यों की पुलिस को अत्यधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
आतंकी साजिश का मोडस ऑपेरंडी (तरीका)
सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार, आतंकी संगठन इस बार हमला करने के लिए नए और घातक तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं:
- लोन वुल्फ अटैक: ऐसी आशंका है कि आतंकी किसी बड़े समूह के बजाय ‘लोन वुल्फ’ (अकेले हमलावर) के जरिए हमला कर सकते हैं, जिन्हें ट्रैक करना अधिक चुनौतीपूर्ण होता है।
- घुसपैठ की कोशिश: बांग्लादेश सीमा से सटे राज्यों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली है। माना जा रहा है कि सीमा पार से आतंकियों के छोटे समूह घुसपैठ कर चुके हैं या करने की फिराक में हैं।
- स्लीपर सेल सक्रिय: देश के भीतर छिपे स्लीपर सेल्स को सक्रिय करने के लिए सीमा पार से ‘हैंडलर्स’ द्वारा निर्देश भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा घेरा
राजधानी दिल्ली, जहाँ मुख्य समारोह आयोजित होना है, वहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
- सीसीटीवी और ड्रोन: राजपथ (कर्तव्य पथ) और उसके आसपास के इलाकों में हजारों सीसीटीवी कैमरों और एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए आसमान से नजर रखी जा रही है।
- सघन तलाशी अभियान: दिल्ली पुलिस ने होटलों, गेस्ट हाउसों और किराये के मकानों में रहने वाले संदिग्धों की वेरिफिकेशन (सत्यापन) तेज कर दी है।
- नाकाबंदी: शहर के सभी प्रवेश द्वारों और सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है।
राज्यों को दिए गए कड़े निर्देश
केंद्र सरकार ने राज्यों को विशेष एहतियात बरतने को कहा है:
- पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर: बांग्लादेश सीमा से सटे होने के कारण यहाँ बीएसएफ (BSF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ को रोका जा सके।
- उत्तर प्रदेश: अयोध्या और काशी जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- भीड़भाड़ वाले स्थान: रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच के कई स्तर बनाए गए हैं।
निष्कर्ष: सतर्कता ही बचाव है
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु को न छुएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। गणतंत्र दिवस समारोह की गरिमा और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल चौबीसों घंटे मुस्तैद हैं।





