नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस माह के अंत में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में होने वाले आसियान (ASEAN) सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह शिखर बैठक 26 और 27 अक्तूबर को निर्धारित है, जिसमें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के अलावा कई बड़े वैश्विक नेता भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात की भी संभावना जताई जा रही है।
भारत और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर शुल्क संबंधी कुछ सख्त कदम उठाए थे, वहीं भारत ने भी पलटकर जवाबी कार्रवाई की थी। ऐसे में बैंकॉक में संभावित बैठक को दोनों देशों के संबंधों को संतुलित करने और व्यापारिक मतभेदों को दूर करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में भारत की एक्ट ईस्ट नीति और क्षेत्रीय सहयोग की प्रतिबद्धता पर जोर देंगे। उनका फोकस आर्थिक सहयोग बढ़ाने, कनेक्टिविटी सुधारने और समुद्री सुरक्षा के मुद्दों पर रहेगा। साथ ही, भारत आसियान देशों के साथ रक्षा, साइबर सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी को भी और मजबूत करने पर चर्चा करेगा।
गौरतलब है कि आसियान सम्मेलन एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सामरिक और आर्थिक नीतियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इस बैठक में चीन की बढ़ती आक्रामकता, इंडो-पैसिफिक रणनीति और वैश्विक व्यापार संतुलन जैसे मुद्दे भी प्रमुख रहेंगे।
राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यदि मोदी-ट्रंप मुलाकात होती है तो इसमें व्यापार विवाद सुलझाने, रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों नेताओं की चर्चा भविष्य में भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।





