देहरादून/चमोली। विश्वप्रसिद्ध हिमालयी धाम बदरीनाथ मंदिर के कपाट आगामी 25 नवंबर को शीतकाल के लिए विधि-विधानपूर्वक बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में शुक्रवार को कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा की गई। इसी के साथ द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथि भी घोषित कर दी गई है।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रवक्ता के अनुसार, बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर बंद होंगे। इसके बाद भगवान बदरीविशाल की गद्दी शीतकालीन प्रवास हेतु जोशीमठ स्थित नरसिंह मंदिर में विराजमान होगी। यहाँ अगले छह माह तक शीतकालीन पूजन-अर्चन की परंपरा निभाई जाएगी।
वहीं, पंचकेदारों में से एक मदमहेश्वर धाम के कपाट 19 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया परंपरागत रीति-रिवाज और पूजा-अर्चना के साथ सम्पन्न होगी। भगवान मदमहेश्वर की गद्दी शीतकालीन गढ़वाल क्षेत्र के ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में विराजमान होगी।
ध्यान रहे कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन किए। बदरीनाथ धाम और द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि कपाट बंद होने की तिथि तक अधिक से अधिक संख्या में धाम पहुंचकर भगवान के दर्शन का पुण्य लाभ लें।





