टीईटी की अनिवार्यता का विरोध, पुरानी पेंशन बहाली और गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति की मांग
हल्द्वानी। टीईटी की अनिवार्यता और पुरानी पेंशन के मुद्दे पर शिक्षकों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन के आह्वान पर नैनीताल जिले के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षक 24 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश लेकर देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखना शामिल है। इसके अलावा सरकारी विद्यालयों में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के बढ़ते हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग भी उठाई जा रही है।
संगठन का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू किए जाने से उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, गैर-शैक्षणिक और ऑनलाइन कार्यों के बढ़ते दबाव से शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
संगठन ने जिले के सभी शिक्षकों से आंदोलन में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की है। जो शिक्षक अपरिहार्य कारणों से देहरादून नहीं पहुंच सकेंगे, उनसे भी सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन को समर्थन देने का आह्वान किया गया है।





