नई दिल्ली। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सामने आई जानकारी में दावा किया गया है कि कांग्रेस ने नई दिल्ली स्थित 24 अकबर रोड पर अपने पुराने मुख्यालय का पिछले 13 वर्षों से किराया जमा नहीं कराया है। हालांकि पार्टी अपना नया मुख्यालय इंदिरा भवन (कोटला मार्ग) में स्थानांतरित कर चुकी है, लेकिन पुराने कार्यालय को लेकर विवाद और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार की संपदा संबंधी नीति के तहत किसी राजनीतिक दल के अपने भवन में स्थानांतरित होने के बाद सरकारी आवंटित परिसर को निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होती। इसी मुद्दे पर कांग्रेस को पहले भी पुराना कार्यालय खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है।
इस बीच, मामला केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना नया मुख्यालय दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थानांतरित कर लिया है, ऐसे में उसके पुराने कार्यालय की स्थिति और सरकारी परिसरों के उपयोग को लेकर भी पारदर्शिता जरूरी है।
इस मुद्दे ने राजनीतिक दलों को आवंटित सरकारी संपत्तियों के उपयोग, किराया भुगतान और नियमों के पालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि सरकारी आवास एवं संपदा नियमों के अनुपालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।





