मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के बीच महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की एक अहम बैठक में 23 विधायकों की अनुपस्थिति ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैठक में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सहयोगी दलों के नेताओं और विधायकों के सामने गठबंधन की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की।
सूत्रों के अनुसार, एमवीए के कुल 60 विधायकों में से केवल 37 विधायक ही बैठक में मौजूद रहे, जबकि 23 विधायक अनुपस्थित रहे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार और वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल भी बैठक में शामिल नहीं हुए।
बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि महाविकास आघाड़ी वास्तव में एकजुट है तो यह एकजुटता केवल विधानसभा के भीतर ही नहीं, बल्कि जनता के बीच भी दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या गठबंधन के सभी घटक दल वास्तव में साथ हैं।
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगा है और पार्टी के छह सांसद अलग हो चुके हैं। इसके अलावा विधान परिषद चुनावों में विपक्ष के खराब प्रदर्शन ने भी गठबंधन की रणनीति और समन्वय को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
बैठक में मौजूद नेताओं ने भविष्य की राजनीतिक रणनीति, विधानसभा में सरकार को घेरने और विपक्षी एकता को मजबूत करने पर चर्चा की। कई नेताओं ने सुझाव दिया कि गठबंधन दलों को संयुक्त कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए अपनी एकता का प्रदर्शन करना चाहिए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायकों की बड़ी संख्या में गैरहाजिरी ने एमवीए के भीतर समन्वय की कमी को उजागर किया है। ऐसे में आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए गठबंधन को संगठनात्मक स्तर पर अधिक मजबूती दिखानी होगी।





