वॉशिंगटन। दुनिया की सबसे प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं का मंच जी-20 का शिखर सम्मेलन वर्ष 2026 में अमेरिका में आयोजित होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को इसका औपचारिक ऐलान करते हुए बताया कि यह प्रतिष्ठित सम्मेलन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वामित्व वाले एक आलीशान होटल में आयोजित किया जाएगा। इस घोषणा के बाद अमेरिकी राजनीति और कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, 2026 में होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया के शीर्ष नेता शिरकत करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि सम्मेलन के लिए चुना गया स्थल न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस है बल्कि सुरक्षा और कूटनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी उपयुक्त है। उनका कहना था कि यह आयोजन अमेरिका की मेजबानी क्षमता और आतिथ्य परंपरा को भी प्रदर्शित करेगा।
हालांकि, इस फैसले को लेकर अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि किसी पूर्व राष्ट्रपति की निजी संपत्ति को सम्मेलन स्थल बनाना हितों के टकराव (Conflict of Interest) का मामला हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि इससे निजी और सार्वजनिक हितों के बीच संतुलन पर सवाल उठ सकते हैं।
जी-20 सम्मेलन वैश्विक स्तर पर सबसे अहम आर्थिक मंच माना जाता है, जिसमें दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक वित्तीय स्थिरता, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। वर्ष 2026 का सम्मेलन अमेरिका के लिए विशेष महत्व रखेगा, क्योंकि उस समय तक नई आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियां उभर चुकी होंगी।
राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई है कि यह सम्मेलन वैश्विक सहयोग को नई दिशा देगा और अमेरिका की अगुवाई में दुनिया एक मजबूत आर्थिक भविष्य की ओर बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, 2026 का जी-20 शिखर सम्मेलन अमेरिका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक परीक्षा साबित होगा। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि ट्रंप के होटल में होने वाला यह आयोजन किस तरह वैश्विक और घरेलू राजनीति को प्रभावित करेगा।





