मेरठ/बरेली (डेस्क): आगामी होली के त्योहार को देखते हुए अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग ने अपनी कमर कस ली है। त्योहार के दौरान शराब की भारी मांग का फायदा उठाकर सक्रिय होने वाले ‘कच्ची शराब’ के माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रदेश भर में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। पिछले 24 घंटों के भीतर प्रशासन ने अलग-अलग जिलों में नदी के तटीय इलाकों और जंगलों में चल रही अवैध भट्टियों को ध्वस्त किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में हजारों लीटर कच्ची शराब जब्त की गई है और शराब बनाने के लिए तैयार किए गए ‘लहन’ को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है।
जंगलों और नदियों के किनारों पर बड़ी कार्रवाई
अवैध शराब माफिया अक्सर पुलिस की नजरों से बचने के लिए दुर्गम स्थानों का चुनाव करते हैं:
- भट्टियां की गईं ध्वस्त: छापेमारी के दौरान पुलिस ने खादर और तराई क्षेत्रों में चल रही दर्जनों कच्ची शराब की भट्टियों को नष्ट किया।
- भारी मात्रा में बरामदगी: अभियान के दौरान भारी मात्रा में निर्मित शराब के साथ-साथ भारी मात्रा में गुड़, यूरिया और नौसादर जैसे खतरनाक रसायन बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल शराब को नशीला बनाने के लिए किया जाता था।
- लहन किया नष्ट: पुलिस ने ड्रमों में भरकर जमीन के नीचे छिपाए गए हजारों लीटर लहन को बहा दिया ताकि दोबारा शराब का निर्माण न हो सके।
तस्करों के नए हथकंडे और पुलिस की रणनीति
त्योहार के सीजन में पुलिस को चकमा देने के लिए तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन प्रशासन की सतर्कता उन पर भारी पड़ रही है:
- चेकिंग अभियान तेज: जिला सीमाओं और नेशनल हाईवे पर बैरिकेडिंग कर संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। कार के गुप्त केबिन और दूध के कंटेनरों में शराब की तस्करी के मामले भी सामने आए हैं।
- ड्रोन से निगरानी: कुछ जिलों में घने जंगलों और गन्ने के खेतों के भीतर चल रही गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है।
- मुखबिरों का जाल: पुलिस ने गांव के चौकीदारों और स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय कर दिया है ताकि अवैध निर्माण की सूचना तुरंत मिल सके।
स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा: जहरीली शराब की चेतावनी
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने जनता को चेतावनी दी है कि कच्ची शराब में मिलाए जाने वाले रसायनों से यह ‘जहरीली’ हो सकती है।
- जानलेवा हो सकता है सेवन: कच्ची शराब के सेवन से आंखों की रोशनी जाने और जान जाने का गंभीर खतरा रहता है।
- जागरूकता अभियान: पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से गांवों में लोगों को जागरूक कर रही है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से ही शराब खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 112 नंबर पर दें।





