गांधीनगर/नई दिल्ली (27 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भीषण युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के चलते पैदा हुए गंभीर ऊर्जा संकट के बीच, भारत के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी (LPG) गैस से लदा भारतीय ध्वजवाहक जहाज ‘जग वसंत’ (Jag Vasant) तमाम खतरों को पार करते हुए सुरक्षित भारत पहुंच गया है। शिप ट्रैकिंग डेटा और बंदरगाह अधिकारियों के अनुसार, यह विशालकाय जहाज शुक्रवार सुबह गुजरात के एक प्रमुख बंदरगाह पर लंगर डाल चुका है। ‘जग वसंत’ पिछले कई दिनों से होर्मुज जलडमरूमध्य के अशांत क्षेत्र में फंसा हुआ था, जहां ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही अत्यंत जोखिमभरी हो गई थी। इस जहाज का सुरक्षित आगमन भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक और नौसैनिक सफलता माना जा रहा है।
होर्मुज का जोखिम और ‘जग वसंत’ की साहसी यात्रा
‘जग वसंत’ की सुरक्षित वापसी भारतीय नौसेना और विदेश मंत्रालय के समन्वित प्रयासों का परिणाम है:
- रणनीतिक जलमार्ग: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस आपूर्ति मार्ग है। ईरान द्वारा इसे बंद करने की धमकी और क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के कारण, भारतीय जहाजों का वहां से गुजरना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया था। ‘जग वसंत’ एलपीजी गैस की एक बड़ी खेप लेकर आ रहा था, जो भारत की घरेलू जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
- शिप ट्रैकिंग और निगरानी: शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ‘जग वसंत’ और एक अन्य भारतीय गैस टैंकर ‘पाइन गैस’ (Pine Gas) ने पिछले कुछ दिनों में अत्यंत सावधानी से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया। बीते सोमवार को इन दोनों जहाजों को ईरान के लारक (Larak) और केश्म (Qeshm) द्वीपों के बीच बेहद संवेदनशील इलाके में देखा गया था, जहां ईरानी नौसेना की भारी मौजूदगी थी।
- सुरक्षित एस्कॉर्ट: सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना के युद्धपोतों ने ‘ऑपरेशन संकल्प’ (Operation Sankalp) के तहत इन जहाजों को ओमान की खाड़ी और अरब सागर में सुरक्षित एस्कॉर्ट प्रदान किया, ताकि किसी भी संभावित हमले या जब्ती को रोका जा सके।





