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होर्मुज की बाधा पार कर भारत आ रहा गैस टैंकर ‘जग विक्रम’: 20,400 मीट्रिक टन LPG लेकर कांडला की ओर बढ़ा; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

नई दिल्ली/कांडला। पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और समुद्री नाकाबंदी की आशंकाओं के बीच राहत भरी खबर आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी गैस टैंकर ‘जग विक्रम’ सफलतापूर्वक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार कर भारत की समुद्री सीमा की ओर बढ़ रहा है। यह जहाज शनिवार दोपहर को ओमान की खाड़ी में प्रवेश कर गया और अब तीव्र गति से गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर अग्रसर है। ‘जग विक्रम’ का सुरक्षित निकलना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

24 नाविक और हजारों टन गैस के साथ सुरक्षित सफर

जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने इस परिचालन की पुष्टि करते हुए जहाज की स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा की है।

  • रणनीतिक पारगमन: मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि ‘जग विक्रम’ शुक्रवार रात और शनिवार सुबह के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा।
  • कार्गो की स्थिति: इस विशाल टैंकर पर लगभग 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है। इसके साथ ही जहाज पर 24 भारतीय नाविक भी सवार हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।
  • कांडला आगमन: वर्तमान गति को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि यह जहाज 14 अप्रैल तक कांडला बंदरगाह पर लंगर डाल देगा।

नाकाबंदी के बीच बढ़ी चिंता: 15 भारतीय जहाज अब भी फंसे

‘जग विक्रम’ की सुरक्षित वापसी के बावजूद, खाड़ी क्षेत्र में स्थिति अभी भी काफी चिंताजनक बनी हुई है।

  • फंसे हुए जहाज: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च की शुरुआत से अब तक फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाला यह नौवां भारतीय जहाज है। हालांकि, अभी भी 15 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट के संवेदनशील क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इसके अतिरिक्त, भारत के लिए माल लेकर आ रहे कई विदेशी ध्वज वाले जहाज भी वहीं अटके हुए हैं।
  • अमेरिकी नाकाबंदी का असर: अमेरिका द्वारा होर्मुज में नौसैनिक नाकाबंदी के एलान के बाद जहाजों के आवागमन पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद अंतरराष्ट्रीय जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति मिलती है या आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह ठप हो जाएगी।

भारतीय बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य

तनावपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद, भारत के भीतर समुद्री व्यापार और बंदरगाहों के संचालन पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा है।

  • निर्बाध परिचालन: सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है।
  • निगरानी तंत्र: जहाजरानी मंत्रालय और नौसेना लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी बंदरगाह पर जहाजों की भीड़भाड़ या परिचालन संबंधी देरी की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

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