Friday, February 20, 2026

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हैदराबाद में मौत को मात: कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग; धुआं भरते ही मची चीख-पुकार, खिड़कियों से कूदकर 80 छात्रों ने बचाई जान

हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के एक व्यस्त इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत में संचालित कोचिंग सेंटर में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय सेंटर के भीतर 80 से अधिक छात्र मौजूद थे। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत काले धुएं के गुबार से भर गई। गनीमत रही कि समय रहते छात्रों ने हिम्मत दिखाई और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, इस अफरा-तफरी में कुछ छात्र मामूली रूप से चोटिल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।

कैसे भड़की आग? (शॉर्ट सर्किट का अंदेशा)

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग इमारत की निचली मंजिल पर स्थित बिजली के पैनल बोर्ड में लगी थी:

  • धुएं का गुबार: आग लगते ही धुआं तेजी से ऊपरी मंजिल पर स्थित कोचिंग क्लास में पहुँच गया। एसी और सिंथेटिक पैनलों के जलने से निकले जहरीले धुएं के कारण छात्रों का दम घुटने लगा।
  • अलार्म की कमी: बताया जा रहा है कि इमारत में फायर अलार्म और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी थी, जिसके कारण छात्रों को आग लगने का पता तब चला जब सीढ़ियों पर आग की लपटें पहुँच चुकी थीं।

रेस्क्यू ऑपरेशन: जांबाजी की मिसाल

जब सीढ़ियों से उतरने का रास्ता आग और धुएं के कारण बंद हो गया, तो छात्रों के पास कोई विकल्प नहीं बचा:

  1. खिड़कियों का सहारा: कई छात्रों ने तीसरी मंजिल की खिड़कियों के कांच तोड़े और पाइप व तारों के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की।
  2. स्थानीय लोगों की मदद: नीचे मौजूद स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सक्रियता दिखाई। उन्होंने सीढ़ियां लगाईं और नीचे गद्दे बिछा दिए ताकि ऊपर से कूदने वाले छात्रों को चोट न लगे।
  3. फायर ब्रिगेड की कार्रवाई: सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से ऊपरी मंजिल पर फंसे आखिरी 10 छात्रों को रेस्क्यू किया।

प्रशासन की जांच: सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां

हादसे के बाद नगर निगम (GHMC) और पुलिस विभाग ने कोचिंग सेंटर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है:

  • अवैध निर्माण का संदेह: प्राथमिक जांच में पाया गया कि इमारत में ‘एग्जिट’ (निकास) का केवल एक ही रास्ता था, जो नियमों के खिलाफ है।
  • फायर एनओसी (NOC): पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस कोचिंग सेंटर के पास दमकल विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र था। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो सेंटर के मालिक पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

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