नई दिल्ली/मेरठ: दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दबंगों के दुस्साहस की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। उत्तराखंड रोडवेज की एक बस, जो दिल्ली से यात्रियों को लेकर आ रही थी, उसे कुछ दबंगों ने बीच रास्ते में रोककर लाठी-डंडों से निशाना बनाया। दबंगों ने बस के शीशे तोड़ दिए और यात्रियों के साथ अभद्रता की, जिससे बस के भीतर अफरा-तफरी और डर का माहौल पैदा हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित चालकों और यात्रियों ने जब पास ही मौजूद उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम से मदद की गुहार लगाई, तो आरोप है कि पुलिस का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने मामले में हस्तक्षेप करने के बजाय चुप्पी साधे रखी। पुलिस की इस कथित कार्यशैली ने खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवाद और तोड़फोड़ का पूरा घटनाक्रम
यह घटना मामूली विवाद से शुरू होकर हिंसक रूप अख्तियार कर गई:
- ओवरटेकिंग को लेकर विवाद: बताया जा रहा है कि हाईवे पर ओवरटेक करने को लेकर दबंगों की कार और रोडवेज बस के बीच कुछ कहासुनी हुई थी।
- बीच सड़क घेराबंदी: कार सवार दबंगों ने अपनी गाड़ी बस के आगे लगा दी और उसे जबरन रुकवा लिया। इसके बाद उन्होंने बस पर पथराव और लाठियों से हमला शुरू कर दिया।
- सहम गए यात्री: बस में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे, जो इस अचानक हुए हमले से बुरी तरह सहम गए। बस के सामने और साइड के शीशे चकनाचूर हो गए।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल: “नहीं मिली मदद”
इस पूरी घटना में रोडवेज कर्मियों और यात्रियों का सबसे बड़ा दर्द पुलिस की बेरुखी को लेकर है:
- पड़ोसी जिले की पुलिस का हवाला: आरोप है कि जब चालक मदद मांगने यूपी पुलिस के पास पहुँचा, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में नहीं आता।
- तमाशबीन बनी रही खाकी: प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस के सामने ही दबंग गाली-गलौज और तोड़फोड़ करते रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई।
- वीडियो हुआ वायरल: घटना के समय यात्रियों द्वारा बनाए गए वीडियो में बस की हालत और पुलिस की मौजूदगी साफ देखी जा सकती है, जिससे विभाग की काफी किरकिरी हो रही है।
रोडवेज यूनियन में भारी आक्रोश
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और आंदोलन की चेतावनी दी है:
- चालकों की सुरक्षा: यूनियन का कहना है कि अगर हाईवे पर सरकारी बसें और उनके कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस मदद नहीं करेगी, तो वे दिल्ली रूट पर बसों का संचालन बंद कर सकते हैं।
- मुकदमे की मांग: परिवहन विभाग के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
दिल्ली-मेरठ जैसे हाई-प्रोफाइल हाईवे पर इस तरह की गुंडागर्दी और फिर पुलिस का संवेदनहीन रवैया कानून-व्यवस्था की पोल खोलता है। यह घटना दर्शाती है कि आम आदमी की सुरक्षा के दावे हाईवे पर कितने खोखले साबित हो रहे हैं। अब देखना होगा कि शासन इस मामले में आरोपी दबंगों और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई करता है।





