शिवसेना (यूबीटी) के नेता अमोल कीर्तिकर की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने रवींद्र वायकर को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। दरअसल, कीर्तिकर ने एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के सदस्य वायकर की लोकसभा चुनाव में जीत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में उन्होंने मांग की है कि उन्हें विजेता घोषित किया जाए। उद्धव गुट के उम्मीदवार कीर्तिकर शिंदे गुट के नेता वायकर से 48 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे। अमोल कीर्तिकर ने जुलाई में याचिका दायर की थी। उन्होंने मांग की थी कि हाईकोर्ट वायकर की जीत को रद्द कर दे। अधिवक्ता अमित करांडे के माध्यम से दायर याचिका में मतगणना केंद्र पर मुद्दों और निर्धारित मानदंडों का अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया था। कीर्तिकर का कहना है कि मतगणना टेबल पर चुनाव याचिकाकर्ता (कीर्तिकर) के एजेंटों द्वारा दर्ज/नोट किए गए वोटों की तुलना में घोषित वोटों में बड़ी विसंगति थी। इस पर हाईकोर्ट ने वायकर को समन जारी किया। वरिष्ठ वकील अनिल सखारे सोमवार को न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की एकल पीठ के समक्ष वायकर की ओर से पेश हुए। इसके बाद हाईकोर्ट ने वायकर को हलफनामा दाखिल करने को कहा।
अब इस मामले में अगली सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी। आपको बता दें कि रवींद्र वायकर और अमोल कीर्तिकर ने मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा था। कांटे के मुकाबले में कीर्तिकर 48 वोटों के मामूली अंतर से वायकर से हार गए। वायकर को 4,52,644 वोट मिले। वहीं कीर्तिकर को 4,52,596 वोट मिले। इस पर कीर्तिकर ने एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के सदस्य वायकर की जीत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने वोटों की गिनती के समय अत्यधिक जल्दबाजी और स्पष्ट मनमानी दिखाई। कीर्तिकर ने अपनी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत से पूरी मतगणना प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी तलब करने की मांग की। वहीं, कीर्तिकर के वकील करांडे अगले सप्ताह न्यायमूर्ति एनजे जमादार की पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख कर सकते हैं।





