हांगकांग में हुए भीषण अग्निकांड ने शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 146 हो गई है। राहत और बचाव टीमें लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं, लेकिन अभी भी लगभग 150 लोगों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग घटनास्थल के समीप मौजूद इमारतों और दुकानों में फंसे हुए थे।
जानकारी के अनुसार, आग एक बहुमंजिला इमारत में अचानक लगी, जिसने क्षणभर में आसपास के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दमकलकर्मियों को इसे नियंत्रित करने में कई घंटे लग गए। स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद लोग बेहद घबराहट में इमारत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। कई लोग धुएं से बेहोश हो गए, जबकि कुछ ऊपरी मंजिलों पर फंसकर मदद का इंतजार करते रहे।
दमकल विभाग ने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच जारी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इमारत में मौजूद ज्वलनशील सामग्री और आग बुझाने की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी इमारतों में सुरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
हांगकांग सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के उपचार के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके कारण मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं, लापता लोगों की तलाश के लिए अतिरिक्त बचाव दलों को तैनात किया गया है, जो इमारत के मलबे और आस-पास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
इस भीषण अग्निकांड ने हांगकांग की सुरक्षा व्यवस्थाओं और पुराने भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे राहत और बचाव में सहयोग करें और अनावश्यक अफवाहों पर विश्वास न करें। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि अगले 24 घंटे में लापता लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





