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हल्द्वानी: सरकारी आश्वासन के बावजूद नगर निगम के नोटिस से भड़के ट्रांसपोर्टर; फ्री-होल्ड भूमि पर नए टैक्स के विरोध में आंदोलन की चेतावनी

हल्द्वानी: देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र हल्द्वानी के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में नगर निगम द्वारा टैक्स वसूली के लिए भेजे गए ताजा नोटिसों ने एक नया और गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है। सरकारी और प्रशासनिक स्तर पर पहले मिले आश्वासनों के बावजूद अतिरिक्त कर के इस बोझ ने व्यापारियों में भारी आक्रोश पैदा किया है। रविवार को देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल और ट्रांसपोर्ट महासंघ के संयुक्त बैनर तले सैकड़ों व्यापारियों ने नगर निगम प्रशासन और मेयर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर अपना रोष व्यक्त किया।

‘वर्ग-क’ की फ्री-होल्ड भूमि पर टैक्स का चौतफा विरोध

प्रदर्शनकारी व्यापारियों का मुख्य विरोध नगर निगम द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में नया टैक्स लागू करने की तैयारी को लेकर है। व्यापारियों का तर्क है कि 32 एकड़ में फैला यह पूरा क्षेत्र ‘वर्ग-क’ (क-श्रेणी) की श्रेणी में आता है और यह पूर्णतः फ्री-होल्ड भूमि है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष जसपाल सिंह कोहली और महासंघ के अध्यक्ष राकेश जोशी ने संयुक्त बयान में कहा कि जब भूमि फ्री-होल्ड है, तो उस पर मालिकाना हक व्यापारियों का है, ऐसे में नगर निगम का हस्तक्षेप और नया टैक्स पूरी तरह अनुचित है।

व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ की मार

प्रदर्शनकारियों ने विस्तार से बताया कि आवंटन के समय ही उनसे तत्कालीन सर्किल रेट के आधार पर पूरी धनराशि वसूली गई थी। इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र में होने वाली किसी भी खरीद-बिक्री पर 15 प्रतिशत का एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) शुल्क पहले से ही लिया जाता है, जो सीधे रखरखाव समिति के पास जाता है। ट्रांसपोर्ट महासंघ के प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “जब यातायात नगर अनुश्रवण समिति पहले से ही रखरखाव के नाम पर व्यापारियों से मोटी रकम वसूल रही है, तो नगर निगम का यह नया टैक्स व्यापारियों का सीधा शोषण है। एक ही सेवा के लिए दो बार भुगतान करना स्वीकार्य नहीं है।”

सरकारी आश्वासन की अनदेखी का आरोप

व्यापारियों ने गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पहले उन्हें स्पष्ट आश्वासन दिया था कि उन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कर का बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि अब जारी किए गए नोटिस उस वादे के खिलाफ हैं और यह विश्वासघात जैसा है। व्यापारियों का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर उनकी जायज़ माँगों और पहले के फैसलों को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है।

बड़े आंदोलन की चेतावनी और वार्ता की माँग

व्यापारिक संगठनों ने नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष जसपाल सिंह कोहली और ट्रांसपोर्ट महासंघ के अध्यक्ष राकेश जोशी ने कहा है कि यदि नगर निगम ने टैक्स वसूली के फैसले को तत्काल वापस नहीं लिया और व्यापारियों के साथ वार्ता कर सर्वसम्मति नहीं बनाई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने साफ किया कि यदि प्रशासन हठधर्मी रवैया अपनाता है, तो वे चक्का जाम, अनिश्चितकालीन हड़ताल और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जैसे विकल्पों पर भी विचार करेंगे।

इस नए विवाद ने हल्द्वानी के व्यावसायिक माहौल में अस्थिरता पैदा कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में टकराव बढ़ने के आसार हैं।

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