अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर सुर्खियों में हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में दावा किया कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान दुनिया भर में कई संघर्षों को समाप्त करवाया और उन्हें अब नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए।
भारत-पाकिस्तान सहित कई देशों के बीच मध्यस्थता का दावा
लेविट के अनुसार, ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान, थाईलैंड-कंबोडिया, इज़राइल-ईरान, रवांडा-कांगो, सर्बिया-कोसोवो, और मिस्र-इथियोपिया जैसे देशों के बीच शांति की दिशा में पहल की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपने छह महीने के कार्यकाल के भीतर ही हर महीने औसतन एक संघर्ष समाप्त कराया।
भारत-पाक संघर्ष को लेकर 30 बार दोहरा चुके हैं दावा
डोनाल्ड ट्रंप लगभग 30 बार सार्वजनिक रूप से यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने में मदद की। हालांकि, हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए किसी भी देश ने भारत से संपर्क नहीं किया।
शांति पुरस्कार की मांग पर राजनीतिक हलकों में हलचल
ट्रंप की इस मांग ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां उनके दावों की सच्चाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, उनके समर्थक इस बयान को अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश कर रहे हैं।





