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हरियाणा कांग्रेस में आंतरिक कलह: राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर का इस्तीफा; हुड्डा बोले— “मुझे सब पता है किसने क्या किया”

चंडीगढ़/रोहतक (17 मार्च, 2026): हरियाणा कांग्रेस के भीतर लंबे समय से सुलग रही गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई ‘क्रॉस वोटिंग’ (Cross Voting) के विवाद ने पार्टी संगठन को झकझोर कर रख दिया है। ताजा घटनाक्रम में, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा आलाकमान को भेजते हुए संगठनात्मक और अनुशासन संबंधी चिंताओं का हवाला दिया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कड़े तेवर ने साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

रामकिशन गुर्जर का इस्तीफा: अनुशासन पर उठाए सवाल

कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर, जिन्हें कुमारी सैलजा गुट का करीबी माना जाता है, के इस्तीफे ने पार्टी के भीतर खलबली मचा दी है:

  • क्रॉस वोटिंग का दर्द: सूत्रों के अनुसार, गुर्जर राज्यसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ हुई गद्दारी से आहत थे। उन्होंने संकेत दिया कि जब संगठन के भीतर ही अनुशासन खत्म हो जाए, तो पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
  • संगठन में उपेक्षा: चर्चा यह भी है कि गुर्जर पिछले काफी समय से खुद को संगठन में उपेक्षित महसूस कर रहे थे और फैसलों में उनकी भागीदारी न होने से नाराज थे।

हुड्डा के तीखे तेवर: “सब रिकॉर्ड पर है”

इस्तीफे और क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर रोहतक में मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बेहद सख्त रुख अपनाया:

  1. गद्दारों की पहचान: हुड्डा ने दोटूक शब्दों में कहा, “राज्यसभा चुनाव में किसने पार्टी के साथ वफादारी की और किसने पीठ में छुरा घोंपा, मुझे सब पता है। हर वोट का हिसाब और हर विधायक की हरकत रिकॉर्ड पर है।”
  2. हाईकमान को रिपोर्ट: हुड्डा ने स्पष्ट किया कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को भेज दी गई है। उन्होंने संकेत दिया कि अनुशासनहीनता करने वालों के लिए पार्टी में अब कोई जगह नहीं है।
  3. इस्तीफे पर प्रतिक्रिया: रामकिशन गुर्जर के पद छोड़ने पर हुड्डा ने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह उनका निजी फैसला हो सकता है, लेकिन पार्टी सामूहिक नेतृत्व और अनुशासन से चलती है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा: क्या टूटेगी कांग्रेस?

हरियाणा की राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह इस्तीफा केवल एक व्यक्ति का पद छोड़ना नहीं है, बल्कि कांग्रेस के भीतर ‘हुड्डा गुट’ और ‘एसआरके (सैलजा, रणदीप, किरण) गुट’ के बीच बढ़ती खाई का नतीजा है:

  • शक्ति प्रदर्शन: राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को हुड्डा के वर्चस्व को चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है।
  • भविष्य की रणनीति: आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में यह बिखराव कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, खासकर तब जब भाजपा और जेजेपी इस स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

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