हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में आज दोपहर एक टेंट गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जाने लगा। दमकल विभाग की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर तैनात हैं, लेकिन ढाई घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित होने के कारण आग के फैलने के डर से आसपास के घरों को खाली करा लिया गया है।
कैसे भड़की आग?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 2:00 बजे गोदाम के पिछले हिस्से से धुआं निकलता देखा गया।
- ज्वलनशील सामग्री: गोदाम के भीतर बड़ी मात्रा में टेंट का कपड़ा, प्लास्टिक की कुर्सियां, लकड़ी के तख्ते और कालीन रखे हुए थे, जिन्होंने आग में घी का काम किया।
- तेज हवाओं का असर: दोपहर में चल रही तेज हवाओं के कारण लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास की एक अन्य इमारत की छत तक पहुँच गई।
दमकल विभाग का संघर्ष: ‘वाटर टेंडर’ की कमी
सूचना मिलते ही मायापुर और सिडकुल फायर स्टेशन से गाड़ियां मौके पर पहुँचीं।
- संकीर्ण रास्ते: गोदाम तक जाने वाले रास्ते बेहद संकरे होने के कारण दमकल की बड़ी गाड़ियों को अंदर पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
- बैकअप की मांग: आग की तीव्रता को देखते हुए रुड़की और लक्सर से भी अतिरिक्त दमकल वाहनों को बुलाया गया है। ढाई घंटे बाद भी आग की लपटें रुक-रुक कर धधक रही हैं।
लाखों का सामान खाक, जान-माल का नुकसान
गोदाम मालिक के अनुसार, शादी-ब्याह का सीजन होने के कारण हाल ही में नया स्टॉक मंगवाया गया था।
- आर्थिक क्षति: प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में करीब 50 से 80 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया है।
- हताहत: राहत की बात यह है कि आग लगने के समय गोदाम के भीतर मौजूद मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, जिससे अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
दमकल अधिकारियों का प्रारंभिक अनुमान है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण चिंगारी उठी और कपड़ों के ढेर में गिर गई। हालांकि, मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही जांच की जाएगी कि गोदाम में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट
ज्वालापुर पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की बिजली काट दी है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग कर दी है। स्थानीय पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता भी राहत कार्य में दमकल कर्मियों की मदद कर रहे हैं।
“हमारी टीमें पूरी ताकत से आग बुझाने में जुटी हैं। पहली प्राथमिकता आग को रिहायशी मकानों तक पहुँचने से रोकना है। पानी की निरंतर आपूर्ति के लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है।” — मुख्य अग्निशमन अधिकारी, हरिद्वार





