हरिद्वार/लक्सर (18 मार्च, 2026): धर्मनगरी हरिद्वार में अवैध खनन के खिलाफ शासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की विशेष टीम ने हरिद्वार और लक्सर तहसील क्षेत्रों में संचालित 14 स्टोन क्रशरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान क्रशर परिसरों में नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं, जिसके बाद प्रशासन ने सभी 14 इकाइयों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है। शासन स्तर पर इन क्रशर स्वामियों पर लगभग 10 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
छापेमारी में खुली पोल: अवैध खनन से लेकर सुरक्षा मानकों में चूक
निदेशालय की टीम ने जब स्टोन क्रशरों का औचक निरीक्षण किया, तो वहां अव्यवस्थाओं का अंबार मिला:
- परिसर में ही अवैध खनन: कई स्टोन क्रशरों के भीतर ही बड़े-बड़े गड्ढे मिले, जहाँ अवैध रूप से खनन किया जा रहा था। कुछ मामलों में क्रशर की चाहरदीवारी के ठीक बाहर अवैध उत्खनन के प्रमाण मिले हैं।
- अवैध भंडारण (Illegal Stocking): क्रशरों के पास उपखनिज (रेत, बजरी, पत्थर) का स्टॉक उनके निर्धारित कोटे से कहीं अधिक पाया गया, जिसका कोई वैध रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
- सीसीटीवी और सुरक्षा गायब: नियमों के मुताबिक क्रशरों पर 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य है, लेकिन अधिकांश जगहों पर कैमरे या तो खराब थे या जानबूझकर बंद रखे गए थे। इसके अलावा कई क्रशरों की चाहरदीवारी टूटी पाई गई।
- पर्यावरण मानकों की अनदेखी: ग्रीन बेल्ट (हरित पट्टी) विकसित न करने और धूल नियंत्रण के उपायों का अभाव होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का भी उल्लंघन पाया गया।
प्रशासन का कड़ा रुख: 10 करोड़ का लगेगा जुर्माना
निदेशालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे:
- भारी पेनल्टी: शुरुआती आकलन के आधार पर अवैध रूप से निकाले गए और भंडारित किए गए उपखनिज की कीमत और रॉयल्टी चोरी को जोड़कर कुल 10 करोड़ रुपये का जुर्माना तय किया जा रहा है।
- लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी: सीज किए गए क्रशरों को तब तक संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक वे जुर्माने की राशि जमा नहीं करते और सभी मानकों को पूरा नहीं कर लेते। बार-बार उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति भी की गई है।
- तहसील स्तर पर जवाबदेही: लक्सर और हरिद्वार तहसील के राजस्व अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में अवैध खनन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें।
खनन माफियाओं में हड़कंप: सक्रिय हुई विजिलेंस टीम
इस अचानक हुई छापेमारी से जिले के खनन व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। पिछले काफी समय से गंगा और उसकी सहायक नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन की शिकायतें मुख्यमंत्री पोर्टल और निदेशालय को मिल रही थीं:
- गोपनीयता और सटीकता: इस बार की छापेमारी को इतना गोपनीय रखा गया था कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी ऐन वक्त पर इसकी जानकारी मिली, ताकि सूचना लीक न हो सके।
- सर्च ऑपरेशन जारी: निदेशालय की टीम अभी भी कुछ अन्य संदिग्ध ठिकानों और स्टॉक यार्ड्स की पैमाइश कर रही है।





