हरिद्वार/नजीबाबाद: उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से प्रतीक्षित हरिद्वार-नजीबाबाद फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, इस मार्ग पर डामरीकरण और पुलों का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसके बाद जल्द ही इस हाईवे पर वाहन फर्राटा भरते नजर आएंगे।
कुमाऊं-गढ़वाल की राह होगी आसान
इस हाईवे के पूरी तरह शुरू होने से हरिद्वार से काशीपुर, रुद्रपुर और हल्द्वानी की राह बेहद सुगम हो जाएगी। वर्तमान में हरिद्वार से नजीबाबाद के बीच लगने वाले जाम और खराब सड़क के कारण यात्रियों को घंटों की देरी का सामना करना पड़ता था, लेकिन फोरलेन बनने के बाद यह सफर महज 45 से 50 मिनट में पूरा हो सकेगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- दूरी में कमी: नजीबाबाद से हरिद्वार की दूरी कम समय में तय होगी, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
- फ्लाईओवर और अंडरपास: शहरी इलाकों और भीड़भाड़ वाले चौराहों पर फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है ताकि स्थानीय यातायात मुख्य हाईवे को बाधित न करे।
- जाम से मिलेगी मुक्ति: चिड़ियापुर बॉर्डर और श्यामपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में अब ट्रैफिक जाम की समस्या इतिहास बन जाएगी।
- आर्थिक विकास को गति: यह मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा, विशेषकर मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होगी।
पर्यटन और तीर्थाटन को मिलेगा बढ़ावा
काशीपुर के रास्ते कुमाऊं के हिल स्टेशनों (जैसे नैनीताल, अल्मोड़ा) जाने वाले पर्यटकों के लिए यह हाईवे ‘लाइफलाइन’ साबित होगा। वहीं, नजीबाबाद की ओर से हरिद्वार आने वाले तीर्थयात्रियों को भी संकरी सड़कों और धूल से निजात मिलेगी।
प्रशासनिक स्थिति
NHAI के अधिकारियों के अनुसार, मुख्य सड़क का काम 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है। अब केवल फिनिशिंग, साइन बोर्ड लगाने और सड़क किनारे की सौंदर्यीकरण का काम शेष है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों के भीतर इसे आधिकारिक तौर पर जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।





