हरिद्वार/देहरादून: धर्मनगरी हरिद्वार को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने ‘हरिद्वार गंगा कॉरिडोर’ परियोजना के तहत रोडी बेलवाला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए 227 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गंगा तटों को भव्य स्वरूप देना और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार करना है।
रोडी बेलवाला क्षेत्र में क्या-क्या बदलेगा?
शासन द्वारा स्वीकृत इस धनराशि से रोडी बेलवाला क्षेत्र में कई बड़े निर्माण और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे। योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- घाटों का विस्तार और सुदृढ़ीकरण: गंगा किनारे के मौजूदा घाटों को नया स्वरूप दिया जाएगा और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी।
- आधुनिक यात्री सुविधाएं: तीर्थयात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, हाई-टेक शौचालय और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- लैंडस्केपिंग और लाइटिंग: पूरे क्षेत्र में आकर्षक लाइटिंग, पार्क और पैदल रास्तों (वॉकिंग ट्रैक) का निर्माण किया जाएगा ताकि शाम के समय गंगा आरती का अनुभव और भी दिव्य हो सके।
कॉरिडोर निर्माण से बढ़ेंगे पर्यटन के अवसर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरिद्वार न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे विश्व की आस्था का केंद्र है। गंगा कॉरिडोर के बन जाने से:
- कुंभ और अर्धकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन आसान होगा।
- स्थानीय व्यापारियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- हरिद्वार की पहचान एक स्वच्छ और व्यवस्थित आध्यात्मिक शहर के रूप में वैश्विक पटल पर उभरेगी।
मास्टर प्लान के तहत हो रहा है काम
यह परियोजना हरिद्वार-ऋषिकेश मास्टर प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार की मंशा है कि काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर हरिद्वार के गंगा तटों को भी सुव्यवस्थित और भव्य बनाया जाए। इस बजट की स्वीकृति के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, ताकि महाकुंभ से पहले इन कार्यों को गति दी जा सके।
श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
वर्तमान में रोडी बेलवाला क्षेत्र में भारी भीड़ के कारण दबाव बना रहता है। ₹227 करोड़ के इस निवेश से न केवल बुनियादी ढांचा सुधरेगा, बल्कि अतिक्रमण मुक्त चौड़े रास्ते श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाएंगे।





