लंदन/तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी माने जाने वाले उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई एक बार फिर अपनी बेहिसाब संपत्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। खुफिया रिपोर्टों और लीक हुए दस्तावेजों के हवाले से दावा किया गया है कि मोज्तबा ने मिडिल ईस्ट से लेकर यूरोप के पॉश इलाकों तक एक विशाल व्यापारिक साम्राज्य खड़ा कर लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास न केवल स्विस बैंकों में अरबों डॉलर जमा हैं, बल्कि लंदन जैसे महंगे शहरों में कई लग्जरी मेंशन और संपत्तियां भी हैं। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान की आम जनता गंभीर आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रही है।
स्विस बैंकों में गुप्त खाते: अरबों डॉलर का निवेश
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स और विपक्षी समूहों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मोज्तबा खामेनेई के वित्तीय तार स्विट्जरलैंड के बैंकिंग सिस्टम से जुड़े हैं:
- विशाल कैश रिजर्व: दावा किया गया है कि मोज्तबा के विभिन्न गुप्त बैंक खातों में लगभग 1.6 से 3 अरब डॉलर की राशि जमा है।
- शेल कंपनियां: इस संपत्ति को छिपाने के लिए दर्जनों ‘शेल कंपनियों’ का सहारा लिया गया है, जिनका संचालन उनके करीबी सहयोगियों के माध्यम से किया जाता है ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचा जा सके।
लंदन के पॉश इलाकों में ‘लग्जरी मेंशन’
ईरान में पश्चिमी संस्कृति का विरोध करने वाले नेतृत्व के परिवार का यूरोप में निवेश विरोधाभास पैदा कर रहा है:
- ब्रिटिश रियल एस्टेट: लंदन के सबसे महंगे रिहायशी इलाकों में मोज्तबा खामेनेई से जुड़ी कई बेनामी संपत्तियों का पता चला है। इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों पाउंड में बताई जा रही है।
- जर्मनी और ऑस्ट्रिया में निवेश: केवल ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि जर्मनी और ऑस्ट्रिया के रियल एस्टेट और होटल कारोबार में भी उनके निवेश के संकेत मिले हैं।
कैसे खड़ा किया इतना बड़ा साम्राज्य?
मोज्तबा खामेनेई के पास आधिकारिक तौर पर सरकार में कोई बड़ा पद नहीं है, लेकिन वे ‘पर्दे के पीछे’ सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माने जाते हैं:
- सरकारी ठेकों में हिस्सेदारी: आरोप है कि ईरान के तेल निर्यात और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बड़े ठेकों से होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा सीधे मोज्तबा के नेटवर्क में जाता है।
- धार्मिक ट्रस्टों पर नियंत्रण: ईरान के कई अमीर धार्मिक ट्रस्टों (Bonyads) पर उनका प्रभाव है, जो देश की अर्थव्यवस्था के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करते हैं और ऑडिट के दायरे से बाहर होते हैं।
ईरान में बढ़ता असंतोष: “जनता भूखी, नेता रईस”
इस खुलासे ने ईरान के भीतर भी हलचल पैदा कर दी है। आर्थिक प्रतिबंधों के कारण जहाँ ईरान के आम नागरिक दवाओं और बुनियादी राशन के लिए तरस रहे हैं, वहीं सत्ता के शीर्ष परिवार की विलासिता पूर्ण जीवनशैली ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है।
- सोशल मीडिया पर चर्चा: ईरान के भीतर सेंसरशिप के बावजूद, मोज्तबा की विदेश में जमा संपत्ति की खबरें सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों तक पहुँच रही हैं, जिससे ‘एंटी-एस्टेब्लिशमेंट’ भावनाएं बलवती हो रही हैं।
“मोज्तबा खामेनेई केवल एक धार्मिक नेता के बेटे नहीं हैं, बल्कि वे एक ऐसे वित्तीय नेटवर्क के प्रमुख हैं जो ईरान की सीमाओं के बाहर भी अपनी जड़ें जमा चुका है। यह संपत्ति ईरान के संसाधनों के दोहन का नतीजा है।” — ईरानी मामलों के अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक
भविष्य की सत्ता की लड़ाई
विशेषज्ञों का मानना है कि इन संपत्तियों का इस्तेमाल मोज्तबा भविष्य में ईरान का अगला सर्वोच्च नेता बनने के लिए ‘शक्ति और प्रभाव’ खरीदने में कर सकते हैं। हालांकि, इन विदेशी संपत्तियों पर पश्चिमी देशों की जांच एजेंसियों की नजर है, जो भविष्य में उनके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है।





