वाशिंगटन/न्यूयॉर्क। आधी सदी से भी अधिक समय के बाद, अंतरिक्ष से पृथ्वी की नई और मनमोहक तस्वीरें सामने आई हैं। नासा के आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन ने चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी की कई उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीरें भेजी हैं, जिनकी तुलना 1972 के अपोलो 17 (Apollo 17) मिशन की तस्वीरों से की जा रही है। 54 साल बाद भी, अंतरिक्ष से पृथ्वी की सुंदरता अपरिवर्तित दिखती है।
आर्टेमिस II: चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी की झलक
नासा का आर्टेमिस II मिशन चंद्रमा की कक्षा में मानव अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने का पहला मिशन है। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति स्थापित करना है। आर्टेमिस II ने पृथ्वी की कई नई तस्वीरें भेजी हैं, जिनमें गहरे नीले समुद्र, सफेद बादल और हरे-भरे महाद्वीप साफ दिखाई देते हैं।
अपोलो 17 बनाम आर्टेमिस II: एक तुलना
1972 का अपोलो 17 मिशन चंद्रमा पर उतरने का आखिरी मिशन था। उस मिशन के दौरान, अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की कई ऐतिहासिक तस्वीरें ली थीं। आर्टेमिस II द्वारा भेजी गई तस्वीरों की तुलना अपोलो 17 की तस्वीरों से की जा रही है।
- अपरिवर्तित सुंदरता: नासा ने साझा की गई तुलना में दिखाया कि 54 साल बाद भी, अंतरिक्ष से पृथ्वी की सुंदरता अपरिवर्तित दिखती है। गहरे नीले समुद्र, सफेद बादल और हरे-भरे महाद्वीप आज भी वैसे ही दिखते हैं जैसे वे 1972 में दिखते थे।
अंतरिक्ष से पृथ्वी का बदलते हुआ दृश्य
भले ही अंतरिक्ष से पृथ्वी की सुंदरता अपरिवर्तित दिखती है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले 54 वर्षों में पृथ्वी की जलवायु में कई बदलाव आए हैं।
विशेषज्ञों का बयान: “अपोलो 17 और आर्टेमिस II की तस्वीरों की तुलना करने से हमें पृथ्वी की सुंदरता और उसकी संवेदनशीलता का एहसास होता है। यह याद दिलाता है कि हमें अपनी पृथ्वी की रक्षा करनी चाहिए।”
आर्टेमिस II: चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति की ओर
आर्टेमिस II मिशन चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मिशन के बाद, नासा चंद्रमा पर मानव अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने की योजना बना रहा है।
- चंद्रमा की खोज: आर्टेमिस II मिशन चंद्रमा की खोज और वहां मानव उपस्थिति स्थापित करने के लिए एक नई शुरुआत है।





