नई दिल्ली: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादास्पद ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (पारस्परिक शुल्क) को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि वह इस ऐतिहासिक फैसले और इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों का बारीकी से अध्ययन कर रही है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस कानूनी घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) व विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से इस पर विस्तृत और आधिकारिक प्रतिक्रिया साझा की जाएगी।
भारत की पहली प्रतिक्रिया: “अध्ययन के बाद लेंगे फैसला”
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत इस मामले में जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगा:
- समीक्षा की प्रक्रिया: मंत्री ने कहा, “मैंने मीडिया के माध्यम से अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में सुना है। भारत सरकार इस फैसले का पूरी तरह से अध्ययन करेगी। इसके बाद जो भी आवश्यक प्रतिक्रिया होगी, वह संबंधित मंत्रालयों द्वारा दी जाएगी।”
- विदेशी मेहमानों से चर्चा: सूत्रों के अनुसार, भारत इस मुद्दे पर अपने अन्य वैश्विक व्यापारिक साझेदारों के साथ भी संपर्क में है ताकि सामूहिक प्रभाव का आकलन किया जा सके।
भारतीय निर्यातकों के लिए क्या है इसके मायने?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भारतीय व्यापार जगत में मिश्रित उत्साह और सावधानी का माहौल है:
- बड़ी राहत की उम्मीद: यदि ट्रंप के पुराने टैरिफ (जो 50% तक पहुँच गए थे) पूरी तरह खत्म होते हैं, तो भारतीय आईटी, टेक्सटाइल और स्टील सेक्टर को भारी लाभ होगा।
- ट्रेड डील पर सवाल: भारत और अमेरिका के बीच अगले महीने (मार्च 2026) एक अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने थे। अब कोर्ट के फैसले के बाद इस समझौते की शर्तों और टैरिफ की दरों (जो 18% तय की गई थीं) को फिर से नए सिरे से देखना पड़ सकता है।
- ट्रंप का नया ‘10% टैरिफ’: कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने ‘ट्रेड एक्ट 1974’ की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ का नया आदेश जारी कर दिया है। भारत अब यह देख रहा है कि यह नया टैक्स पुराने भारी भरकम टैक्स के मुकाबले कितना राहत देने वाला होगा।
विपक्ष का हमला: “ट्रेड डील को करें स्थगित”
भारत में विपक्षी दलों ने इस फैसले को लेकर मोदी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है:
- पुनर्विचार की मांग: कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि अमेरिका के साथ होने वाली आगामी ट्रेड डील को तुरंत रोक दिया जाए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश और पी. चिदंबरम ने कहा कि चूंकि अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप की शक्तियों को सीमित कर दिया है, इसलिए भारत को बेहतर शर्तों पर फिर से बातचीत करनी चाहिए।
- किसानों का हित: विपक्ष का तर्क है कि इस फैसले से स्थिति बदल गई है, इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारतीय किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के साथ कोई समझौता न हो।
विशेषज्ञों का विश्लेषण: ‘नई कूटनीतिक चुनौती’
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने ट्रंप की ‘एकतरफा’ कार्यशैली को झटका दिया है। अब भारत को यह तय करना होगा कि वह ट्रंप द्वारा लगाए गए नए 10% टैरिफ को स्वीकार करे या कोर्ट के फैसले का हवाला देकर पूर्ण टैरिफ माफी की मांग करे।





