तिरुवनंतपुरम।
केरल में कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल पर संकट गहराता जा रहा है। पार्टी से निलंबन के बाद अब उन पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। क्राइम ब्रांच ने पलक्कड़ के इस विधायक के खिलाफ महिलाओं को सोशल मीडिया पर उनकी इच्छा के विरुद्ध स्टॉक करने और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
राज्य पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78(2) (स्टॉकिंग), धारा 351 (आपराधिक धमकी) और केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120(ओ) के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसमें किसी भी संचार माध्यम से बार-बार अवांछित या गुमनाम संदेश, कॉल, ईमेल या पत्र भेजकर परेशान करने जैसे अपराध शामिल हैं।
विजयन के बयान के बाद त्वरित कार्रवाई
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने तिरुवनंतपुरम में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ममकूटाथिल के खिलाफ लगे आरोपों पर हर संभव कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विजयन के बयान के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
डीएसपी के नेतृत्व में जांच
राज्य पुलिस मीडिया सेंटर की ओर से जारी बयान में कहा गया कि डीजीपी रवादा ए. चंद्रशेखर के निर्देश पर अपराध शाखा ने यह केस दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी तिरुवनंतपुरम रेंज के डीएसपी सी. बिनुकुमार को सौंपी गई है।
मामला क्या है?
विधायक राहुल ममकूटाथिल ने हाल ही में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। यह कदम तब उठाया गया जब मलयालम अभिनेत्री रिनी एन. जॉर्ज ने एक प्रमुख राजनीतिक दल के युवा नेता पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। इस मामले के बाद भाजपा और माकपा की युवा इकाई डीवाईएफआई ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था।
मामले ने तूल तब पकड़ा जब कई अन्य महिलाओं और एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने भी ममकूटाथिल पर इसी तरह के आरोप लगाए। विवाद को और हवा तब मिली जब विधायक और एक महिला के बीच कथित बातचीत की ऑडियो क्लिप सार्वजनिक हो गई। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था।
लगातार घिरते विधायक
विधायक के खिलाफ यह एफआईआर उनके राजनीतिक करियर पर गंभीर असर डाल सकती है। पार्टी निलंबन और अब पुलिस की कार्रवाई के चलते ममकूटाथिल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में यह मामला केरल की सियासत में बड़ा मुद्दा बन सकता है।





